Tuesday, February 20, 2024

बीमारियों से मुक्ति के लिए जहरमुक्त खेती जरूरी

  • प्राकृतिक खेती पर किसान सखी प्रशिक्षण आयोजित
  • कृषि वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की दी जानकारी 


पन्ना। बीमारियों से मुक्ति के लिए मौजूदा समय जहरमुक्त खेती बेहद जरूरी हो गया है। यही वजह है कि शासन भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहा है। प्राकृतिक खेती का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्मजीवों का मिट्टी में बढ़ावा देना है, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि हो सके। 

पन्ना जिले में स्वयं सेवी संस्था समर्थन, राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन एवं कृषिविके के संयुक्त तत्वाधान में किसान सखी का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के परिसर में किसान सखियो को प्राकृतिक खेती एवं भंडारण, मृदा परीक्षण पर वैज्ञानिको के माध्यम से सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रेक्टिकल ज्ञान से अवगत कराया जा रहा है।  

केन्द्र के वैज्ञानिक डा. पीएन त्रिपाठी, डा आर. के. जायसवाल,  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से शुशील शर्मा, समर्थन से ज्ञानेन्द्र तिवारी ने प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत बड़गड़ी, जरधोवा एवं बराछ से 48 किसान सखी उपस्थिति रहीं। 

मिटटी की सेहत सुधरेगी तो हम सब स्वास्थ्य रहेंगे, इसके लिये जीवामृत एवं घनजीवामृत, नीमास्त्र,आग्नसास्त्र बनाने की विधि बताई गई। किसान गौ आधारित खेती करके खेती की लागत को कम कर सकता है। यह जहरमुक्त खेती की भी शुरूआत करना है। जहरमुक्त खेती से हम मानव समाज भी बीमारी से मुक्त होंगे। 

मिट्टी, पानी स्वस्थ होगा तो फसल उत्पादन एवं खाद्य पदार्थ भी शुद्ध होगा।  प्राकृतिक खेती में किसान सखी की भूमिका प्रमुख रहेगी। इसके लिये समर्थन लगभग 500 किसान सखी के प्रशिक्षण केबीके एवं राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन के मार्गदर्शन में कर रहा है।

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