Wednesday, December 11, 2019

केन व सहायक नदियों में मशीनों से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन

  •  कांग्रेस सरकार का अवैध उत्खनन रोकने का दावा खोखला साबित 
  •   रेत का अवैध उत्खनन रुकवाने कांग्रेसियों को देना पड़ रहा ज्ञापन 



अरुण सिंह,पन्ना। जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में केन सहित उसकी सहायक नदियों में बड़े पैमाने पर हो रहे रेत के अवैध उत्खनन का चौतरफा विरोध होने लगा है। रेत माफियाओं द्वारा जिस तरह से भारी-भरकम मशीनों द्वारा नदियों के प्रवाह क्षेत्र से रेत निकाली जा रही है उससे नदियों का स्वरूप जहां बिगड़ रहा है वहीं जलीय वनस्पतियों व जलचरों को भी भारी क्षति पहुँच रही है। रेत से भरे सैकड़ों वाहनों की आवाजाही से किसानों की फसलें भी नष्ट हो रही हैं। पीडि़त किसानों द्वारा गुहार लगाने के बावजूद उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। रेत माफियाओं के आतंक से अजयगढ़ क्षेत्र सहमा हुआ है और प्रशासन मूक दर्शक की भूमिका निभा रहा है। रेत की इस खुली लूट में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं की भूमिका भी चर्चा में है। मजे की बात तो यह है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है फिर भी कांग्रेसियों को रेत का अवैध उत्खनन रुकवाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौपना पड़ रहा है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार का अवैध उत्खनन रोकने का दावा खोखला साबित हुआ है जिससे जनता के बीच सरकार की खासी किरकिरी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि नियमों को तांक में रखकर बड़े पैमाने पर रेत के हो रहे अवैध उत्खनन की चर्चा गली-गली हो रही है। आलम यह है कि रेत से भरे ट्रक, डम्फर और ट्रेक्टर पूरे दिन व रात सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ते हैं। स्थिति की गंभीरता व सरकार की हो रही किरकिरी को देखते हुये अजयगढ़ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गर्ग के नेतृत्व में जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षो ने एकराय होकर  कलेक्टर पन्ना कर्मवीर शर्मा से रेत के हो रहे अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की माँग की है। अजयगढ़ ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने  केन नदी एवं अजयगढ़ की सहायक रून्ज, बागे नदियों में खुलेआम भारी-भरकम एलएनटी मशीनों का उपयोग कर हो रहे अवैध उत्खनन की ओर जिले के प्रशासनिक मुखिया का ध्यान आकृष्ट कराया है। इन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शासन की मंशा मुताबिक लेवरों से रेत की लोडिंग की जाना चाहिये जिससे क्षेत्र की जनता को रोजगार उपलब्ध हो सके व अधिक गहराई तक रेत न निकल सके। लेकिन अजयगढ़ क्षेत्र में एलएनटी मशीनों से बीसों फिट गहराई की रेत निकाली जा रही है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को दिये ज्ञापन में खनिज विभाग की उदासीनता का लेख किया गया है। मालुम हो कि खनिज अधिकारी के लचर और ढुलमुल रवैया की वजह से अराजक स्थिति निर्मित हुई है फलस्वरूप अनियंत्रित तरीके से रेत की लूट जारी है। खनिज कार्यालय में पूरे दिन व देर रात तक दलालों और माफियाओं का ताँता लगा रहता है।
आज अगर अवैध उत्तखनन की बात की जाए तो पूरे जिला प्रशासन एवं सत्ता धारी नेताओ सहित सभी को मालूम है कि  रेत माफियाओं ने भारी भरकम मशीनों से केन नदी को छलनी कर दिया है।  यह बात सभी जानते है लेकिन अगर कार्यवाही की बात की जाए तो प्रशासन केवल परिवहन पर कार्यवाही कर वाहवाही लूट लेता है। अवैध उत्तखनन पर कार्यवाही क्यो नही की जाती यह एक बड़ा सवाल है। रेत का अवैध उत्तखनन- बीरा, रामनई, मोहाना, कटर्रा, चाँदीपाठी, जिगनी, फरस्वाहा, बरकोला, उदयपुर, अमरछी  सभी जगह रेत का अवैध उत्तखनन चल रहा है।  ग्राम पंचायत की जो भी खदाने शासन द्वारा स्वीकृत की गई हैं उन खदानों का बिना सीमांकन किये खदानों की प्रशासन द्वारा स्वीकृति दे दी गई है।जबकि खनिज अधिकारी को सीमांकन करा कर खदान में मुनारे बनाने के बाद ही खदान चलाने की स्वीकृति देना चाहिये थी। जिन पंचायतों को रेत की खदानों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है वे रेत खनन माफियाओं से मिलकर भारी पैमाने पर अवैध उत्खनन करा रहे हैं। कांग्रेसियों ने ज्ञापन के माध्यम से अवैध उत्खनन को तत्काल प्रभाव से रोके जाने की माँग की गई है तथा कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये। अब देखना यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों विशेषकर खनिज कार्यालय की कार्य प्रणाली पर कांग्रेसियों के इस ज्ञापन का कितना असर होता है। 
00000


No comments:

Post a Comment