Saturday, June 17, 2017

सड़क मार्ग पर वनराज ने की चहल कदमी

  •   पूरे एक घण्टे तक थमा रहा वाहनों का आवागमन
  •   अद्भुत नजारे को देख रोमांचित हुये यात्री



अरुण सिंह,पन्ना। जंगल के राजा बाघ को घने जंगल में विचरण करते हुये तो अनेकों लोगों ने देखा होगा, लेकिन जंगल में रहने वाले बाघ को डामर रोड पर चहल कदमी करते हुये देखने का अवसर विरले लोगों को ही मिला होगा। ऐसा ही अद्भुत और रोमांचकारी नजारा गत सायं पन्ना-अमानगंज मार्ग पर अकोला-अमझिरिया के पास यहां से गुजरने वाले यात्रियों ने न सिर्फ देखा अपितु वनराज को सड़क मार्ग पर चहल कदमी करते हुये अपने कैमरे में भी कैद कर लिया। इस रोमांचकारी दृश्य को देखने वाले यात्रियों तथा वाहन चालकों ने बताया कि बेखौफ होकर शान के साथ सड़क  मार्ग से गुजरते बाघ को निकट से देखना उनके जीवन की अविस्मरणीय घटना है, जिसे कभी नहीं भूलेंगे।
उल्लेखनीय है कि बाघों से आबाद हो चुके पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2009 में पन्ना टाईगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था, लेकिन बाघ पुनस्र्थापना योजना को मिली शानदार सफलता के उपरान्त एक बार फिर यहां के जंगल में वनराज की दहाड़ गूँजने लगी है। वन्यजीवों का दीदार करने के लिये दूर-दूर से पार्क भ्रमण के लिये यहां आने वाले पर्यटकों व वन्यजीव प्रेमियों को अब पन्ना टाईगर रिजर्व में आये दिन बाघ दर्शन होते हैं, जिससे यहां पर पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में बाघों की संख्या बढऩे से युवा होते बाघ अपनी टेरोटेरी बनाने के लिये नये इलाके की खोज में कोर क्षेत्र से बाहर भी निकल रहे हैं। पन्ना टाईगर रिजर्व में जन्मा एक बाघ कोर क्षेत्र से बाहर निकलकर सैकड़ों किमी. की यात्रा करते हुए बांधवगढ़ के जंगल तक जा पहुँचा है, जिसकी अभी हाल ही में पहचान हुई है। जिससे पता चलता है कि पन्ना के बाघ कोर क्षेत्र के जंगल से बाहर निकलकर दूर-दूर तक विचरण कर रहे हैं। पन्ना-अमानगंज मार्ग पर तो अक्सर ही सड़क पार करते हुये बाघ दिखाई दे जाते हैं। यह सड़क मार्ग पार पन्ना टाईगर रिजर्व क्षेत्र के किनारे से होकर गुजरता है, ऐसी स्थिति में सुबह तड़के व शाम के समय इस सड़क मार्ग पर दूसरे वन्य प्राणियों के अलावा यदा-कदा बाघ भी नजर आ जाता है। गत सायं इस मार्ग पर चहल कदमी करते हुये जब बाघ दिखा तो सड़क मार्ग के दोनों ओर वाहनों का आवागमन थम गया। यात्रियों ने सांस थामकर शान्ति से इस दुर्लभ दृश्य को देखा। जब वनराज सड़क पार करके घने जंंगल में दूर निकल गया, तब इस मार्ग पर आवागमन बहाल हुआ।
0000000

Thursday, June 15, 2017

पन्ना टाईगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में नाइट सफारी शुरू



  •   टूर ऑपरेटरों व पर्यटकों की माँग पर पार्क प्रबंधन ने लिया निर्णय
  •   पर्यटक अब रात्रि में भी लेंगे जंगल की निराली दुनिया का लुत्फ



अरुण सिंह,पन्ना। म.प्र. के पन्ना टाईगर रिजर्व में कोर क्षेत्र से लगे बफरजोन क्षेत्र के जंगल में पर्यटक अब रात्रि के समय भी जंगल की रोमांचक और निराली दुनिया का लुत्फ उठा सकेंगे। टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटकों की माँग पर पार्क प्रबन्धन ने बफरजोन क्षेत्र के जंगल में नाइट सफारी शुरू करने का निर्णय लिया है। क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व विवेक जैन ने आज आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि ईको विकास समिति झिन्ना से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार बफरजोन क्षेत्र में ग्राम झिन्ना, सलैया, सब्दुआ एवं बनहरी के समिति सदस्यों के साथ पर्यटकों को रात्रि पेट्रोलिंग कराने की अनुमति प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि बफरजोन क्षेत्र में नाइट सफारी की माँग लम्बे समय से टूर ऑपरेटरों व पर्यटकों द्वारा की जाती रही है। चूंकि बारिश के मौसम में 15 जून के बाद मानसूनी बारिश शुरू होने के साथ ही कोर क्षेत्र में पर्यटकों के भ्रमण पर रोक लग जाती है। ऐसी स्थिति में बारिश के पूरे चार माह तक पर्यटन व्यवसाय ठप्प हो जाता है। पार्क प्रबन्धन के इस निर्णय से अब बारिश के मौसम में भी पर्र्यटक कोर क्षेत्र से लगे पन्ना टाईगर रिजर्व के बफरजोन के जंगल में भ्रमण कर वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व विवेक जैन ने बताया कि रात्रि में पेट्रोलिंग करने वाले पर्यटकों के साथ ईको विकास समिति का एक सदस्य साथ में जावेगा। इस नाइट पेट्रोलिंग से जहां पार्क विकास निधि की आय में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर ईको विकास समिति के सदस्यों एवं जिप्सी मालिकों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। श्री जैन ने कहा कि पन्ना के आस-पास के क्षेत्रों में पर्यटकों के अधिक दिन विश्राम करने पर पर्यटन से जुड़े हुये लोगों को रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध होंगे।

पूरे तीन घण्टे की होगी नाइट सफारी

क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व ने पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब में बताया कि देशी व विदेशी पर्यटक शाम 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक नाइट सफारी का आनंद ले सकेंगे। इसके लिए पर्यटकों को 5सौ रू. प्रति वाहन प्रति राउण्ड के हिसाब से भ्रमण शुल्क देना होगा। आपने बताया कि बफरजोन क्षेत्र के कक्ष क्र. 285, 287, 288 एवं 289 में नाइट पेट्रोलिंग की अनुमति दी गई है। यहां पर्यटकों को तेंदुआ, भालू, सेही, चीतल, सांभर व नीलगाय जैसे वन्यजीवों के दीदार हो सकेंगे। क्षेत्र संचालक श्री जैन ने बताया कि मानसूनी बारिश शुरू होने पर टाईगर रिजर्व के प्रवेश द्वार पर्यटकों के भ्रमण हेतु बंद हो जायेंगे। इस स्थिति में यहां मानसून पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बफरजोन क्षेत्र में दिन के समय भी पर्यटकों को भ्रमण की अनुमति दी जायेगी। अभी तक बारिश के मौसम में सिर्फ पाण्डव फाल व रनेह फाल पर्यटकों के लिए खुले रहते थे, लेकिन अब पर्यटक बफरजोन क्षेत्र के जंगल में भी भ्रमण कर सकेंगे।

पर्यटकों की संख्या में हुआ है इजाफा

पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों की आबादी बढऩे के साथ ही यहां पर वनराज के दर्शन सहजता से हो रहे हैं, नतीजतन पर्यटकों की संख्या भी निरन्तर बढ़ रही है। पूर्व में जब पन्ना टाईगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था, उस समय यहां का आकर्षण कम होने के चलते पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त गिरावट आई थी। लेकिन अब बाघों की दुनिया आबाद हो जाने के उपरान्त यहां की ख्याति व आकर्षण बढ़ा है और बड़ी संख्या में देशी व विदेशी पर्यटक पन्ना टाईगर ररिजर्व के भ्रमण हेतु आ रहे हैं। श्री जैन ने बताया कि गत वर्ष अक्टूबर से अप्रैल तक यहां 33 हजार पर्यटक आये थे, लेकिन इस वर्ष इसी पीरियड में 35 हजार 3 सौ पर्यटकों ने यहां आकर पार्क भ्रमण किया है।
00000000