Friday, July 24, 2026

प्रदेश की छवि को चमकाने में पन्ना का योगदान अद्वितीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 0 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 184 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
0 बुन्देलखंड की धरती फसलोत्पादन में पंजाब-हरियाणा को पीछे छोड़ेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव



पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती हीरों, वीरों और महावीरों की धरती है। उन्होंने आल्हा ऊदल के शौर्य, रत्नगर्भा बुंदेलखंड की धरती को नमन करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की धरती पर आकर रोम-रोम में रोमांच आ जाता है। इतिहास, धर्म, संस्कृति और खनिजों से परिपूर्ण बुंदेलखंड की धरती देश में अनूठी है। आपके लिए यहां जन्म लेना और मेरे लिए पन्ना में आना सौभाग्य की बात है। 

उन्होंने कहा कि पन्ना जिला ने प्रदेश को हीरा के रूप में वैश्विक पहचान दिलाई है। प्रदेश की छवि को चमकाने में पन्ना का अद्वितीय योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना जिला मुख्यालय स्थित होमगार्ड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने रिमोट के माध्यम से लगभग 184 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से मध्यप्रदेश के करीब 35 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 210 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने प्रतीक स्वरूप विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के हितग्राहियों एवं आत्मनिर्भर ग्राम पंचायतों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री को कृषि कल्याण वर्ष के उपलक्ष्य में हल भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत से विकास की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किया जा रहा है। हमारी संस्कृति ने संपूर्ण पृथ्वी को एक परिवार माना है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक समान कानून लागू किया जाएगा। जिससे नागरिक  कानूनों में व्याप्त भेदभाव, और ऐसी समस्त कुप्रथाओं को समाप्त किया जाएगा जो  महिलाओं, उनके व्यक्तिगत और समाजिक हितों के विपरीत हों। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता कानून समस्त समाजों, समुदायों और व्यक्तियों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार संबंधी समस्त प्रदेशवासियों पर एक समान रूप से लागू किया जाएगा। हाल ही में इसे विधानसभा में पारित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से बुन्देलखंड में किसानों की स्थिति बेहतर होगी। गांव-गांव में पानी का प्रबंध किया जाएगा। परियोजना से पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यहां की खेती फसलोत्पादन में पंजाब-हरियाणा को पीछे छोड़ेगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा की किसान अपनी जमीन न बेचें। किसानों को बिजली पानी की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान की बहुमूल्य जमीन अगर किसी परियोजना के लिए ली जा रही है तो किसानों को अपनी जमीन का चार गुना मुआवजा सरकार के द्वारा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने देंगे। प्रदेश के युवाओं के रोजगार के लिए अभी पुलिस के 10 हजार पदों की  मंजूरी दी गई है। सभी विभागों को मिलाकर एक लाख से अधिक पद स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार - स्वरोजगार की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश सरकार गरीब, युवा, महिला, किसान के कल्याण के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौपालकों के लिए गोपाल अभियान चलाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है। किसानों को दूध का बाजिव दाम दिलाने के लिए सांची सहकारिता को मजबूत करने का कार्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पाद का अभी 12 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन हो रहा है। इसे 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है। इसी प्रकार मछली पालन के लिए भी विभिन्न योजनायें चलाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के लिए सरकार सतत रूप से कार्य कर रही है। प्रदेश के बच्चों को अच्छी और उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए, शिक्षा को संस्कृति और संस्कार से जोड़ते हुए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। आज जो सांदीपनि विद्यालयों का लोकापर्ण हुआ है वहां समस्त आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बुन्देलखंड आगे बढ़ रहा है। औद्योगिक पार्क, खाद्य प्रसंस्करण, खेत के कारखाने और कारखाने से निर्यात तक किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए निवेश हो रहा है।

आपने कहा कि प्रदेश के चार महानगरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि पन्ना में अगले वर्ष से मेडिकल कॉलेज चालू किया जाएगा। उन्होंने भगवान जुगल किशोर मंदिर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि प्रदान करने एवं बृजपुर में कॉलेज खोलने सहित विभिन्न सड़कों एवं पुल-पुलियों को बनवाने की घोषणा की।

इस मौके पर खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जो समान नागरिक संहिता का कानून बनाया गया है, उससे अब समाज का प्रत्येक वर्ग, समुदाय और व्यक्ति एक ही कानून की छत्रछाया में आ खड़ा होगा। उन्होंने पन्ना जिले को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।

पन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विकास की नई रेखा खींची है और प्रदेश में विकास जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा, रुंझ और मंझगाव परियोजनाओं के प्रभावितों के बैंक खातों में दो सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि डाली गई है। इसके साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जनहित को देखते हुए प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए लिए गए ऐतिहासिक निर्णय की सराहना की है।

इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे सिंह परमार, नगर पालिका अध्यक्ष पन्ना श्रीमती मीना पाण्डेय, बृजेन्द्र मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

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Thursday, July 23, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात

 


पन्ना। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को पन्ना प्रवास के दौरान जिला मुख्यालय स्थित होमगार्ड ग्राउण्ड पन्ना में आयोजित शासकीय कार्यक्रम में 204.26 करोड़ रूपए लागत राशि के 22 विकास कार्यों की सौगात प्रदान करेंगे। इनमें 94.63 करोड़ के 6 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 109.63 करोड़ के 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शासकीय सांदीपनि उ.मा. विद्यालय गुनौर एवं पवई तथा शासकीय महाविद्यालय पवई के नवीन भवन निर्माण का लोकार्पण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बृजपुर एवं सुहावा बैराज योजना सहित बृहस्पति कुंड के साैंदर्यीकरण एवं ग्लास फ्लोर व व्यू प्वाइंट सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

इस क्रम में मुख्यमंत्री चार मार्गों क्रमशः टांईं पहुंच मार्ग, मकरंदगंज-हरद्वाही-गुनौर, मड़वा से बंधा एवं सप्तैया-झरकुआं-पगरा-बम्हौरी मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। डायमंड म्यूजियम, संयुक्त एसडीएम कार्यालय भवन पन्ना सहित छत्रसाल पीजी कॉलेज पन्ना के विज्ञान भवन रेनोवशन, उन्नयन एवं नवीन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी होगा। मुख्यमंत्री गीता पेट्रोल पम्प से पोस्ट ऑफिस तिराहा तक रोड, डिवाईडर निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों और स्वच्छ भारत मिशन शहरी अंतर्गत जल प्रबंधन कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पवई के 370 वर्गमीटर निर्माण कार्य, शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना में कर्मशाला एवं नवीन भवन निर्माण, शासकीय उ.मा. विद्यालय उत्कृष्ट पवई में 100-100 सीटर बालक व बालिका छात्रावास निर्माण, शासकीय हाईस्कूल रक्सेहा एवं भापतपुर कुर्मियान के हायर सेकेण्डरी में उन्नयन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है।

कमिश्नर एवं आईजी ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर देखी व्यवस्थाएं



मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जुलाई को पन्ना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिला मुख्यालय पन्ना में होमगार्ड ग्राउंड में आयोजित शासकीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास कर हितलाभ वितरण भी करेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के पन्ना प्रवास के दृष्टिगत आज कमिश्नर अनिल सुचारी एवं पुलिस महानिरीक्षक मिथलेश शुक्ला ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने तथा जरूरी तैयारियों के संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

कमिश्नर श्री सुचारी ने कार्यक्रम स्थल सहित हेलीपैड और अन्य प्रस्तावित स्थलों के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान बैठक व्यवस्था, विभागीय प्रदर्शनी, पार्किंग व्यवस्था, वीआईपी व्यक्तियों और आम जनता के कार्यक्रम स्थल पर आगमन और निकास व्यवस्था सहित कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में पूछा। साथ ही सभी अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से गंभीरतापूर्वक सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन के लिए निर्देशित किया। आईजी ने रूट चार्ट, परिवहन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण निर्देश दिए और विभिन्न सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा की। इसके पहले कलेक्टर ऊषा परमार द्वारा भी अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया गया। 

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Sunday, July 19, 2026

पन्ना टाइगर रिजर्व के किशनगढ़ कोर क्षेत्र में वयस्क नर बाघ की संदिग्ध मौत

 


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिज़र्व में एक वयस्क नर बाघ के मौत की खबर है। टाइगर रिज़र्व के किशनगढ़ कोर क्षेत्र में शनिवार को बाघ का शव मिलने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। बाघ की मौत कैसे व किन परिस्थितियों में हुई इस बावत अभी कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई, लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बाघ की मौत जहर से हुई है।    

पन्ना टाइगर रिज़र्व के उप संचालक वीरेंद्र पटेल ने बताया कि बाघ का शव पूरी तरह सुरक्षित है। प्रथम दृष्टया मामला प्राकृतिक मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। आपने बताया कि शनिवार को तक़रीबन 2 बजे उन्हें घटना की जानकारी हुई, फलस्वरूप वे स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे जो अत्यधिक दुर्गम है। मौत होने के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक जाँच रिपोर्ट  आने के उपरांत हो सकेगा।  

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृत बाघ ने एक भैंस का शिकार किया था। बाघ के शव के पास ही भैंस का शव भी मिला है। जिसे देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि भैंस के शव में जहर डाला गया, जिसे खाने पर बाघ की मौत हो गई। वास्तविकता जो भी हो सच्चाई जाँच रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन पन्ना टाइगर रिजर्व में जिस तरह से वन्य प्राणियों के शिकार व बाघों की संदिग्ध मौतों की घटनाएं हो रही हैं, उससे पन्ना टाइगर रिजर्व में निगरानी तथा बाघों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत



पन्ना टाइगर रिजर्व में एक वयस्क नर बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि इस बीच जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल अंतर्गत रैपुरा वन परिक्षेत्र में एक वयस्क तेंदुआ रेलवे ट्रैक पर मृत मिला। प्रारंभिक जांच में उसकी मौत ट्रेन की टक्कर से होना प्रतीत हो रहा है, हालांकि वन विभाग ने सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।

दक्षिण सामान्य वनमंडल के रैपुरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत रतनगांव के समीप रेलवे ट्रैक पर रविवार को रेलवे ट्रैक अनुरक्षण कर्मियों ने तेंदुए का शव देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर विस्तृत जांच शुरू की।

वन अधिकारियों के अनुसार ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। उसकी गर्दन धड़ से अलग हो चुकी थी। सिर रेलवे ट्रैक की दोनों पटरियों के बीच पड़ा मिला, जबकि धड़ पटरी के किनारे मिला। हालांकि उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। मृत तेंदुए की उम्र लगभग 5 वर्ष बताई जा रही है।

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Saturday, July 18, 2026

पन्ना जिले में अब तक सामान्य से बहुत कम बारिश, 17 जुलाई तक औसत वर्षा 269.2 मि.मी. दर्ज

पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में इस वर्ष अब तक सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। बीते साल 17 जुलाई तक 637.6 मि.मी.औसत वर्षा  हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक सिर्फ 269.2 मि.मी. वर्ष दर्ज हुई है। 

कार्यालय कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) पन्ना द्वारा जारी दैनिक वर्षा सार संग्रह विवरणी के अनुसार जिले में 17 जुलाई 2026 तक औसत 269.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1176.4 मिलीमीटर निर्धारित है। इस प्रकार जिले में अब तक सामान्य वर्षा का केवल 22.9 प्रतिशत ही बारिश हुई है जो औसत से काफी काम है। 

रिपोर्ट के अनुसार 17 जुलाई को जिले में कुल 87.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसमें पन्ना में 26.0 मि.मी., गुनौर में 15.1 मि.मी., पवई में 12.0 मि.मी., शाहनगर में 13.4 मि.मी. तथा अजयगढ़ में 21.2 मि.मी. वर्षा हुई। वहीं देवेंद्रनगर, अमानगंज, सिमरिया और रैपुरा में वर्षा दर्ज नहीं की गई।

1 जून 2026 से 17 जुलाई 2026 तक सर्वाधिक संचयी वर्षा अजयगढ़ वर्षामापी केंद्र में 438.6 मि.मी. दर्ज की गई, जबकि सबसे कम संचयी वर्षा सिमरिया में 179.4 मि.मी. रही। इसके अलावा पन्ना में 345.4 मि.मी., रैपुरा में 287.5 मि.मी., देवेंद्रनगर में 256.8 मि.मी., गुनौर में 249.6 मि.मी., शाहनगर में 239.2 मि.मी., पवई में 238.1 मि.मी. तथा अमानगंज में 187.8 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई।

आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 17 जुलाई तक जिले में औसतन 637.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में केवल 269.2 मि.मी. वर्षा हुई है। यानी गत वर्ष की तुलना में जिले में अब तक 368.5 मि.मी. कम वर्षा दर्ज की गई है। प्रशासन ने वर्षा की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखते हुए जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति नागरिकों से सहयोग की अपील की है।

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Saturday, July 11, 2026

बारिश से जीवंत हो उठे झरनों को देख मंत्र मुग्ध हो रहे लोग, झरनों के पास जाने व सेल्फी पर लगा प्रतिबंध

 


पन्ना। बारिश की बूंदों से मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जंगलों का सौंदर्य निखर उठा है। बीते कई दिनों से हो रही बारिश के चलते पन्ना टाईगर रिज़र्व सहित आसपास की पहाडिय़ों से गिरने वाले झरने जीवंत हो उठे हैं। है। प्रकृति का यह अप्रतिम सौन्दर्य हर किसी को मोहित कर रहा है। मन्दिरों के शहर पन्ना के आसपास हरी-भरी पहाडिय़ों से गिरने वाले झरने ऐसा सौन्दर्य बिखेर रहे हैं, जिसे देख लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। प्रकृति की खूबसूरती व सौन्दर्य का ऐसा नजारा बारिश के मौसम में ही नजर आता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत धारा 163(1) का आदेश जारी कर बारिश के इस मौसम में पन्ना जिले के विभिन्न स्थानों पर झरना एवं जल प्रपात पर अत्यधिक समीप जाने एवं सेल्फी व फोटो लेने पर प्रतिबंध लगाया है।

पन्ना से लगभग 30 किमी दूर स्थित बृहस्पति कुण्ड का सौन्दर्य बेमिशाल है। इस कुण्ड में रत्नगर्भा बाघिन नदी ऊंचाई से गिरती है, जिससे बेहद खूबसूरत जल प्रपात निर्मित होता है। बारिश के मौसम में इस जलप्रपात के अप्रतिम सौंदर्य को निहारने बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं। इस अनूठे स्थल के विकास व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बृहस्पति कुंड में मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड का पहला ग्लास ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्घाटन होना है। लगभग 3 करोड़ रु. की लागत से बना यह पुल गहरी खाई और झरने के ऊपर स्थित है, जहाँ से पर्यटकों को अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। 

इसके अलावा पन्ना शहर से तक़रीबन 5 किमी. दूर स्थित कौआ सेहा का विहंगम नजारा देखने जैसा है। बारिश के मौसम में यहाँ का प्राकृतिक सौन्दर्य मोहित करने वाला होता है। किलकिला नदी का पानी इस सैकड़ों फिट गहरे सेहा में जब गिरता है तो उससे पैदा होने वाला संगीत किसी दूसरी ही दुनिया में ले जाता है। सेहा में गिरने वाला यह पानी हरी-भरी पहाड़ियों से होते हुए आगे जाकर केन नदी में मिल जाता है। यदि यहाँ बुनियादी सुबिधायें उपलब्ध करा दी जायें व सुरक्षा के इंतजाम हो जाएँ तो यह मनोरम स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

लेकिन बारिश के मौसम में हर किसी को आकर्षित करने वाले ये झरने व जलप्रपात खतरनाक भी साबित होते हैं। इनके निकट जाकर सौंदर्य को निहारना अच्छा लगता है, लेकिन अत्यधिक सावधानी भी जरुरी होती है। जरा सी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित होती है। अभी हाल ही में एक नर्सिग का छात्र बृहस्पति कुण्ड के गहरे पानी में डूब गया था, जिसका शव पूरे 36 घंटे की खोजबीन के बाद मिला। ऐसे हादसों को द्रष्टिगत रखते हुए कलेक्टर पन्ना ने झरनों व जल प्रपातों के पास जाने व सेल्फी लेने पर प्रतिबंध लगाया है। 

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में जिले के पन्ना तहसील के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पन्ना बायपास मार्ग पर स्थित किलकिला कुंड, कौवा सेहा, रानीपुरा सेहा, लखनपुर सेहा एवं कैमासन फाल चौकी मझगवां, मड़ला थाना अंतर्गत केन नदी पुल एवं पाण्डव फाल और बृजपुर थाना अंतर्गत बृहस्पति कुंड स्थल पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह अमानगंज तहसील के थाना अमानगंज क्षेत्र के पण्डवन एवं पवई तहसील के थाना पवई क्षेत्र अंतर्गत चांदा फाल (सिल्वर फाल) स्थल पर आगामी 2 माह तक प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावशील रहेगा।आदेश के उल्लघंन पर संबंधित के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के अनुसार अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी।

 उल्लेखनीय है कि वर्षाकाल में झरना एवं जल प्रपात स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पर्यटन के लिए एकत्रित होते हैं। इससे अत्यधिक समीप जाने और सेल्फी लेने के प्रयास में गहरे पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आमजन की सुरक्षा की दृष्टि से तथा मानव जीवन की सुरक्षा, लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

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Thursday, July 9, 2026

मंदिरों के शहर पन्ना में 15 जुलाई से धार्मिक महोत्सव, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

 



पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना शहर में स्थित सुप्रसिद्ध श्री जुगल किशोर मंदिर में 15 से 29 जुलाई 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इस महोत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पन्ना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करना भी है।

आयोजकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार श्री जुगल किशोर सरकार धाम में 15 से 29 जुलाई तक श्रीमद्भागवत कथा, भक्तमाल कथा, रासलीला और संतों के प्रवचनों का होगा आयोजन होगा। आयोजन की शुरुआत 15 जुलाई को भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा से होगी। 16 से 22 जुलाई तक स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे, जबकि 23 से 27 जुलाई तक महंत स्वामी किशोरदास जी महाराज भक्तमाल कथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन रासलीला, भक्ति संगीत और संत प्रवचन भी आयोजित होंगे। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, गुरुपूजन एवं महाभंडारे के साथ धार्मिक महोत्सव का समापन होगा।

इस आयोजन से पन्ना में धार्मिक पर्यटन को जहाँ बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। पन्ना में प्राणनाथ मंदिर, बलदेव जी मंदिर, राम वनगमन से जुड़े स्थल, पन्ना टाइगर रिजर्व, रनेह जलप्रपात और बृहस्पति कुंड जैसी धार्मिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को जोड़कर पर्यटन परिपथ विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह महोत्सव पूरी तरह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है और इसका किसी भी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।

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Wednesday, July 8, 2026

शिक्षा का अधिकार दिलाने की मांग कर कलेक्टर के पास पहुंचे बहेलिया–पारधी समाज के बच्चे


पन्ना। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार छह से चौदह वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अधिनियम स्पष्ट करता है कि किसी भी कारण से बच्चों को स्कूल में प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके कई स्कूलों में बच्चों से जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी जैसे कागजात माँगे जा रहे हैं, जिसके कारण गरीब और वंचित समुदायों के कई बच्चे इन दस्तावेजों के अभाव में शिक्षा और हॉस्टल प्रवेश से वंचित रह जाते हैं।

पन्ना जिले के बहेलिया–पारधी समुदाय के बड़ी संख्या में नाबालिग इस सत्र में अभी तक स्कूलों में प्रवेश नहीं पा सके हैं। दस्तावेजों के कारण वे कई छात्रावासों में भी दाखिला नहीं कर पा रहे हैं। अनेक परिवारों ने अधिकारियों व शिक्षा विभाग के पास आवाज उठाई, पर कहीं से ठोस राहत नहीं मिली। आज बच्चे अपने माता–पिता के साथ पन्ना जिला कलेक्टर के कार्यालय पर पहुंचकर शिक्षा का अधिकार दिलाने की गुहार लगाने आए।

जनसुनवाई कक्ष के बाहर बच्चों को देख कर कलेक्टर ने सीधे उनकी बात नहीं सुनी, लेकिन उन्होंने कुछ अभिभावकों को जनसुनवाई कक्ष में बुलाकर समस्या से संबंधित पत्र लिया और इसे कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा केन्द्र (डीपीसी), पन्ना को भेज दिया।

स्थायी बसेरे के अभाव से दस्तावेजों की समस्या

बहेलिया–पारधी समाज जंगल के नज़दीकी इलाकों में रहता है और पारंपरिक रूप से यहाँ के लोग शिकार व जड़ी-बूटियों के व्यापार पर निर्भर रहे हैं। लगभग डेढ़ दशक पहले तक यह समाज शिक्षा से पूरी तरह वंचित था। समाज के अधिकांश लोगों के पास अपनी जाति प्रमाणित करने वाले दस्तावेज, आधार, समग्र आईडी और बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं। इसी कारण वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं व सुविधाओं से भी वंचित हैं और अब उनके बच्चों का स्कूल दाखिला भी प्रभावित हो रहा है।

पन्ना टाइगर रिजर्व की पहल


पन्ना टाइगर रिजर्व वर्ष 2008 में बाघ विहीन हो गया था। बाघों की पुनर्स्थापना के प्रयास के दौरान तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर आर. श्रीनिवास मूर्ति ने महसूस किया कि पारधी–बहेलिया समाज को मुख्यधारा से जोड़ना बाघों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। इस दृष्टि से पन्ना टाइगर रिजर्व ने पारधी समाज के बच्चों के लिए आवासीय छात्रावास खोला और जिले भर से बच्चों को खोजकर उनकी शिक्षा का प्रबंध किया। बाद में यह जिम्मेदारी सर्व शिक्षा अभियान को सौंपी गई और जिला मुख्यालय के बालक–बालिका छात्रावासों में पारधी समाज के बच्चों को प्रवेश मिलना शुरू हुआ। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इन छात्रावासों में पारधी समाज के कम बच्चों का ही दाखिला हो पाया और इस वर्ष दस्तावेज अनिवार्यता के कारण बड़ी संख्या में बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए हैं।

डीपीसी ने मदद का भरोसा दिया

कलेक्टरेट से लौटने के बाद पारधी समाज के बच्चे व उनके अभिभावक जिला शिक्षा केन्द्र, पन्ना पहुंचे और स्कूल व हॉस्टल में प्रवेश न मिलने की समस्या से संबंधित जानकारी दी। डीपीसी सुश्री किरण कौशिक ने अभिभावकों की बात सुनी और बच्चों के स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई व सहयोग का भरोसा दिया।

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Monday, June 29, 2026

पन्ना में चमकी आदिवासी परिवार की किस्मत,11.19 कैरेट का मिला हीरा

 



पन्ना। देश और दुनियां में बेशकीमती हीरों के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज एक आदिवासी परिवार की किस्मत चमक गई है। अहिरगवां की निजी हीरा खदान से आदिवासी युवक राकेश गोंड को 11.19 कैरेट वजन वाला बेशकीमती जेम क्वालिटी का हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 40 से 50 लाख रुपये आंकी जा रही है।

 विशेष गौरतलब बात यह है कि इसी परिवार को दो साल पहले जुलाई 2024 में कृष्णा कल्याणपुर स्थित पटी उथली हीरा खदान में 19.22 कैरेट वजन का हीरा मिला था, जो 93 लाख रुपये में नीलाम हुआ था। हीरा धारक राकेश गोंड़ पिता चुनवादा गोंड़ आज अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे का वजन करवाकर उसे विधिवत हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है।  

हीरा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राकेश गोंड ने अप्रैल माह में निजी भूमि का पट्टा लेकर अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ हीरा खदान लगाई थी। करीब दो महीने की लगातार मेहनत के बाद सोमवार को 11.19 कैरेट वजन का हीरा मिला, जो जेम क्वालिटी का है। आदिवासी परिवार को मिले इस  हीरे को आगामी शासकीय नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। नीलामी में हीरा बिकने पर शासन की रायल्टी काटने के बाद शेष राशि हीरा धारक को प्रदान की जाएगी।

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Thursday, June 25, 2026

अभेद्य डिजिटल सुरक्षा चक्र में बदला पन्ना जिले का बृजपुर थाना क्षेत्र

  • पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के कुशल निर्देशन में बृजपुर थाना क्षेत्र के 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का हाईटेक सुरक्षा नेटवर्क तैयार हुआ है। सुरक्षा मॉडल के इस अभिनव पहल से बृजपुर थाना क्षेत्र को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में नई पहचान प्रदान की है तथा यह थाना ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। 


पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्मार्ट पुलिसिंग’ की दिशा में प्रभावी पहल के तहत बृजपुर थाना क्षेत्र को अभेद्य डिजिटल सुरक्षा चक्र में बदला गया है। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का हाईटेक सुरक्षा नेटवर्क तैयार हुआ है। इस अभिनव एवं महत्वपूर्ण पहल से बृजपुर थाना क्षेत्र का 400 वर्ग किलोमीटर में फैले ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई है।  

पुलिस अधीक्षक पन्ना ने जानकारी देते हुए आज बताया कि थाना क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामरिक महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए सीमावर्ती एवं संवेदनशील स्थानों का चिन्हांकन कर जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कुल 57 हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं। यह सुरक्षा तंत्र क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों एवं महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित कर रहा है।


स्थापित कैमरों में HD क्वालिटी लाइव स्ट्रीमिंग, PTZ एवं 16x ज़ूम, नंबर प्लेट डिटेक्शन सिस्टम (NPR), कलर नाइट विजन, 4G कनेक्टिविटी, सोलर बैकअप तथा 30 दिवस की रिकॉर्डिंग सुविधा जैसी अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। नेटवर्क एवं विद्युत बाधाओं को ध्यान में रखते हुए कैमरों को इस प्रकार स्थापित किया गया है कि निगरानी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।

थाना परिसर में स्थापित आधुनिक कंट्रोल रूम एवं 60 इंच की एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सभी कैमरों की 24×7 लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। इस तकनीकी पहल से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी, अपराधों की रोकथाम, त्वरित अनुसंधान तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। पुलिस एवं जनता की सहभागिता से तैयार यह सुरक्षा मॉडल बृजपुर थाना क्षेत्र को स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में नई पहचान प्रदान कर रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

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Saturday, May 30, 2026

देशी एवं पारम्परिक भोजन स्वास्थ्य एवं जलवायु के अनुकूल

  • बीज एवं खाद्य विविधता मेले में पारंपरिक व्यंजनों की दिखी झलक
  • स्थानीय खाद्य ज्ञान को सुरक्षित रखने प्रकाशित होगी रेसिपी पुस्तक


पन्ना। भारतीय भोजन आत्मविश्वास और प्रामाणिकता के साथ अपने मूल स्वरूप में लौट रहा है, जहां स्वाद, परंपरा और स्थानीय सामग्री प्रमुख भूमिका निभाएंगे। देशी एवं पारंपरिक भोजन हमारी समृद्ध संस्कृति, स्वास्थ्य और स्थानीय मौसम का प्रतीक है। ताज़ा मसालों, मौसमी सब्जियों और प्राकृतिक रूप से पकाया गया यह भोजन पीढ़ियों से चली आ रही विरासत है, जो पोषण और स्वाद का बेहतरीन संतुलन प्रदान करता है। यह हमारे आस-पास आसानी से उपलब्ध मौसमी सब्जियों और अनाजों से बनता है, जो शरीर की तासीर के अनुकूल होते हैं।

देशी एवं पारम्परिक भोजन के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने व अभिरुचि पैदा करने की मंशा से समर्थन संस्था द्वारा रिवाइटलाइजिंग रेनफेड एग्रीकल्चर (RRA) नेटवर्क एवं वासान (WASSAN), स्थानीय संस्था पृथ्वी ट्रस्ट व  रिलायंस फाउन्डेसन के  सहयोग से  बीज एवं खाद्य विविधता मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य पारंपरिक किस्मों से बने स्थानीय व्यंजनों को पुनर्जीवित करना, उनका संरक्षण करना तथा उनका दस्तावेजीकरण करना था।


इस मेले में दो विकासखंडों के 12 गांवों से उत्साहपूर्वक सहभागिता देखने को मिली। प्रतिभागियों द्वारा लगभग 40 पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए, जिन्हें स्थानीय पारंपरिक फसल किस्मों से तैयार किया गया था। विशेष रूप से महिलाओं एवं ग्रामीण समुदायों ने अपने घरों से पारंपरिक भोजन तैयार कर लाकर क्षेत्र की समृद्ध खाद्य संस्कृति और कृषि परंपरा को प्रस्तुत किया। मेंले में कृवि केन्द्र के वैज्ञानिक प्रमुख डा. पी.एन त्रिपाठी, रीतेश बगोरा, रिलायंस फाउन्डेसन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुकेश कुमार सेगर, प्रदीप तिवारी, राज्य ग्रमीण आजिविका मिशन के जिला प्रबंधक प्रमोद शुक्ला, पृथ्वी ट्रस्ट की निदेशक समीना युसुफ बेग, आर.आर.ए नेटवर्क के शुभदीप ने अपने वक्तव्य रखे । 

शुभ दीप ने कहा सभी जिलो एवं राज्य के जलवायु के अनुरूप खाद्य परम्परा बनी है, उसके अनुरूप ही भोजन अच्छा माना गया है। प्रमोद शुक्ला ने कहा कि दीदी लोग आजिविका मिशन से जुड़ कर अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। परम्परागत भोजन एवं पकवान जिले में एवं कई फूड मेंलो में रखा जा सकता है और आमदनी का जरिया हो सकता है। वैज्ञानिक प्रमुख ने कहा कि  देशी बीज एवं परम्परागत खाद्य हमारे सस्कृति एवं व्यावहार में शामिल है। मुकेश कुमार सेंगर ने कहा कि संस्था स्थानीय एवं देशी खाद्य श्रृखला पर काम कर रही है, जिले में इसके परिणाम भी देखने को मिल रहे है।


मेले का मुख्य उद्देश्य कृषि और भोजन के बीच के संबंध को पुनर्स्थापित करना तथा पारंपरिक फसल किस्मों के पोषण, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना था। मेले में विभिन्न देशी बीजों एवं खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे किसानों और स्थानीय समुदायों में पारंपरिक फसलों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी। मेले में प्रस्तुत सभी पारंपरिक किस्मों एवं व्यंजनों का विधिवत दस्तावेजीकरण किया गया। इस दस्तावेजीकरण के आधार पर भविष्य में एक पारंपरिक रेसिपी पुस्तक प्रकाशित की जाएगी, ताकि स्थानीय खाद्य ज्ञान और परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।

यह मेला किसानों के बीच संवाद, बीज आदान-प्रदान और अनुभव साझा करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच बना, जिसने जैव विविधता संरक्षण और सतत कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समर्थन के ज्ञानेन्द्र तिवारी एवं दिवाकर वागरी ने कहा की हमें कुपोषण दूर करने के लिये इस प्रकार के मेंले लगाना बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में समर्थन के सभी विस्तार कार्यकर्ताओं ने सहयोग प्रदान किया।

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