पन्ना। बारिश की बूंदों से मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में जंगलों का सौंदर्य निखर उठा है। बीते कई दिनों से हो रही बारिश के चलते पन्ना टाईगर रिज़र्व सहित आसपास की पहाडिय़ों से गिरने वाले झरने जीवंत हो उठे हैं। है। प्रकृति का यह अप्रतिम सौन्दर्य हर किसी को मोहित कर रहा है। मन्दिरों के शहर पन्ना के आसपास हरी-भरी पहाडिय़ों से गिरने वाले झरने ऐसा सौन्दर्य बिखेर रहे हैं, जिसे देख लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। प्रकृति की खूबसूरती व सौन्दर्य का ऐसा नजारा बारिश के मौसम में ही नजर आता है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत धारा 163(1) का आदेश जारी कर बारिश के इस मौसम में पन्ना जिले के विभिन्न स्थानों पर झरना एवं जल प्रपात पर अत्यधिक समीप जाने एवं सेल्फी व फोटो लेने पर प्रतिबंध लगाया है।
पन्ना से लगभग 30 किमी दूर स्थित बृहस्पति कुण्ड का सौन्दर्य बेमिशाल है। इस कुण्ड में रत्नगर्भा बाघिन नदी ऊंचाई से गिरती है, जिससे बेहद खूबसूरत जल प्रपात निर्मित होता है। बारिश के मौसम में इस जलप्रपात के अप्रतिम सौंदर्य को निहारने बड़ी संख्या में लोग यहाँ आते हैं। इस अनूठे स्थल के विकास व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बृहस्पति कुंड में मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड का पहला ग्लास ब्रिज का निर्माण कराया गया है, जिसका उद्घाटन होना है। लगभग 3 करोड़ रु. की लागत से बना यह पुल गहरी खाई और झरने के ऊपर स्थित है, जहाँ से पर्यटकों को अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
इसके अलावा पन्ना शहर से तक़रीबन 5 किमी. दूर स्थित कौआ सेहा का विहंगम नजारा देखने जैसा है। बारिश के मौसम में यहाँ का प्राकृतिक सौन्दर्य मोहित करने वाला होता है। किलकिला नदी का पानी इस सैकड़ों फिट गहरे सेहा में जब गिरता है तो उससे पैदा होने वाला संगीत किसी दूसरी ही दुनिया में ले जाता है। सेहा में गिरने वाला यह पानी हरी-भरी पहाड़ियों से होते हुए आगे जाकर केन नदी में मिल जाता है। यदि यहाँ बुनियादी सुबिधायें उपलब्ध करा दी जायें व सुरक्षा के इंतजाम हो जाएँ तो यह मनोरम स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
लेकिन बारिश के मौसम में हर किसी को आकर्षित करने वाले ये झरने व जलप्रपात खतरनाक भी साबित होते हैं। इनके निकट जाकर सौंदर्य को निहारना अच्छा लगता है, लेकिन अत्यधिक सावधानी भी जरुरी होती है। जरा सी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित होती है। अभी हाल ही में एक नर्सिग का छात्र बृहस्पति कुण्ड के गहरे पानी में डूब गया था, जिसका शव पूरे 36 घंटे की खोजबीन के बाद मिला। ऐसे हादसों को द्रष्टिगत रखते हुए कलेक्टर पन्ना ने झरनों व जल प्रपातों के पास जाने व सेल्फी लेने पर प्रतिबंध लगाया है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में जिले के पन्ना तहसील के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पन्ना बायपास मार्ग पर स्थित किलकिला कुंड, कौवा सेहा, रानीपुरा सेहा, लखनपुर सेहा एवं कैमासन फाल चौकी मझगवां, मड़ला थाना अंतर्गत केन नदी पुल एवं पाण्डव फाल और बृजपुर थाना अंतर्गत बृहस्पति कुंड स्थल पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह अमानगंज तहसील के थाना अमानगंज क्षेत्र के पण्डवन एवं पवई तहसील के थाना पवई क्षेत्र अंतर्गत चांदा फाल (सिल्वर फाल) स्थल पर आगामी 2 माह तक प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावशील रहेगा।आदेश के उल्लघंन पर संबंधित के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के अनुसार अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्षाकाल में झरना एवं जल प्रपात स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पर्यटन के लिए एकत्रित होते हैं। इससे अत्यधिक समीप जाने और सेल्फी लेने के प्रयास में गहरे पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आमजन की सुरक्षा की दृष्टि से तथा मानव जीवन की सुरक्षा, लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
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