Sunday, September 13, 2026

विश्व की सबसे बुजुर्ग हथिनी वत्सला की स्टेच्यू का पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर हुआ अनावरण

 


पन्ना। गणेश चतुर्थी पर्व की पूर्व संध्या पर मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर विश्व की सबसे उम्रदराज हथिनी वत्सला की स्मृति में उनके स्टेच्यू का भव्य अनावरण किया गया। इस गरिमामयी समारोह में मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार, पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे। वन विभाग की ओर से पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, वन मंडलाधिकारी दक्षिण पन्ना, उप संचालक, सहायक संचालक पन्ना, परिक्षेत्र अधिकारी सहित वन अमला इस अवसर पर मौजूद रहा।

वत्सला के इस स्टेचू की स्थापना और अनावरण में जे.के. सीमेंट अमानगंज की विशेष और महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके अधिकारीगण भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। अनावरण करते हुए विस अध्यक्ष श्री तोमर द्वारा विधि-विधान से वत्सला की पूजा-अर्चना की गई और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया गया तथा उनकी प्रतिमा को अकोला गेट पर स्थापित किया गया। 

उल्लेखनीय है कि वत्सला विश्व की सबसे बुजुर्ग  हथिनी मानी जाती थी। उनका जन्म लगभग वर्ष 1917 के आसपास केरल के नीलांबुर जंगलों में हुआ था। इसके पश्चात वे पन्ना आईं और पन्ना की भौगोलिक परिस्थितियों एवं उबड़-खाबड़ स्थानों में उन्होंने अपना एक लंबा जीवन व्यतीत किया। वत्सला ने अपने सम्पूर्ण जीवन में किसी नर हाथी के साथ मेटिंग नहीं की। इसके साथ ही उन्होंने दूसरी हथिनियों के बच्चों का लालन-पालन अत्यंत स्नेह और वात्सल्य के साथ किया। उनके इसी प्रेमपूर्ण और वात्सल्यमयी स्वभाव के कारण आसपास के वन्यजीव प्रेमी और पन्ना के स्थानीय लोग उन्हें आदर और स्नेह से दादी मां कहकर पुकारते थे। वत्सला दादी मां की इन्हीं स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए अकोला गेट पर इस स्टेच्यू को स्थापित किया गया है।

वर्ष 2007 में गणतंत्र दिवस समारोह में वत्सला कुछ इस तरह हुई थी शामिल, जिसे झांकी में प्रथम पुरस्कार मिला था। 

गौरतलब है कि दुनिया की सबसे उम्रदराज कही जाने वाली हथिनी वत्सला की तमाम खूबियों में से एक खूबी उसके शारीरिक बनावट को लेकर भी है। जिससे हाथियों के झुंड में भी वत्सला को आसानी से पहचाना जा सकता था। दरअसल वत्सला की सूंड दूसरे अन्य हांथियों के मुकाबले अधिक लंबी रही है। सूंड की लंबाई इतनी अधिक थी कि वत्सला जब खड़ी होती थी तो दो से तीन फिट सूंड को जमीन के ऊपर मोड़ कर रखना पड़ता था। उसकी इस खूबी के कारण वन्यजीव प्रेमी वत्सला को पांच पैर वाली हथिनी भी कहते रहे हैं। वत्सला की सूंड इतनी लंबी कैसे हुई, इस बाबत वन्य प्राणी चिकित्सक डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता का कहना है कि शुरुआती दिनों में हथिनी वत्सला के द्वारा लकड़ी की बोगियों को उठाने व रखने का कार्य किया जाता रहा है। यही वजह है कि उम्र बढ़ने के साथ ही वत्सला की सूंड भी लंबी हो गई। वत्सला भौतिक रूप से भले ही अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन दुनिया भर के वन्य जीव प्रेमियों के जेहन में उसकी स्मृतियाँ हमेशा जीवित रहेंगी। 

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मझगांय बाँध के डूब क्षेत्र में घरों तक पहुँचा पानी, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

  • ग्रामीण आँखों के सामने देख रहे हैं अपना उजड़ता संसार, प्रशासन नदारत 
  • बढ़ते जलस्तर के साथ लोगों की चिंताएँ बढ़ रहीं लेकिन जिम्मेदार संवेदनहीन 


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्मित मझगांय बाँध के डूब क्षेत्र में घरों तक पानी पहुँच गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बढ़ते जलस्तर और विस्थापन की समस्याओं को लेकर जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में दो दिन से यहाँ चिता आंदोलन चल रहा है। डूब क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार हर दिन पानी गाँव की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और कई घरों में पानी भरता जा रहा है। पानी को लगातार अपनी ओर बढ़ता देखकर ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। कई लोग बीमार हैं, अनेक परिवारों की आँखों में आँसू हैं और चेहरों पर अपने घर, खेत और भविष्य को लेकर गहरी चिंता दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, अपनी समस्याओं को लेकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार कई पात्र परिवारों को अभी तक मुआवज़ा नहीं मिला है और मुआवज़े की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और पैसों की मांग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब गाँव डूबने की कगार पर है और लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर रहा है, उस समय जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों ने सत्ता पक्ष के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने बताया कि "आज चिता आंदोलन का दूसरा दिन है। हर दिन पानी गाँव की तरफ बढ़ रहा है। लोग अपनी आँखों के सामने अपने घर और संसार को डूबते देख रहे हैं। उनकी आँखों में आँसू हैं, मन में डर है और अनेक सवाल हैं, लेकिन जिनसे जवाब चाहिए, वही प्रशासन और जिम्मेदार लोग दिखाई नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि लोगों ने बार-बार ज्ञापन दिए, अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए और न्याय की गुहार लगाई, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर चिता आंदोलन शुरू करना पड़ा। अब लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है और उनके सवालों के साथ उनकी मांगें भी बढ़ती जा रही हैं।

आंदोलन दबाने के लिए बिजली काटने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के पहले दिन मझगाय डेम प्रभावित गांव वनहरी के टपरियन गाँव की बिजली काट दी गई, जिसे ग्रामीण आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने और गाँव में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ पानी बढ़ रहा है और दूसरी तरफ बिजली काटे जाने से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। उन्होंने बिजली व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की है।

मुआवज़ा दो, पुनर्वास दो, लोगों को डूबने के लिए मजबूर मत करो। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में लंबित मुआवज़े का तत्काल भुगतान, पारदर्शी सर्वे, उचित पुनर्वास, बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था तथा मुआवज़े की प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच शामिल है। अमित भटनागर ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि विस्थापितों के अधिकार, न्याय और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ घर और गाँव नहीं डूब रहे हैं। अगर विस्थापितों के अधिकार, संविधान और इंसानियत की आवाज को भी डुबो दिया गया, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर स्थिति होगी। जय किसान संगठन की नेता दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो चिता आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

आंदोलन को जिला कांग्रेस ने दिया समर्थन 

चिता आंदोलन के दूसरे दिन भी जिला कांग्रेस के नेताओं ने प्रदर्शन स्थल पहुंच कर प्रदर्शन कारियों की मांग को जायज ठहराया, भाजपा की मोहन सरकार और  जिला प्रशासन को तानाशाह और भ्रष्ट करार दिया। अनीस खान जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना,पूर्व प्रत्याशी भरत मिलन पांडे, प्रेम कुमार पांडेय,राकेश गर्ग, सौरभ पटेरिया, कदीर खान, सुरेन्द्र आदिवासी, हसीब खान, रिंकू खान,मैकू अहिरवार, राजा जी बुंदेला, विकास तिवारी, आशा यादव, रेहान मोहम्मद नेता प्रतिपक्ष, वैभव थापक महामंत्री जिला कांग्रेस, अक्षय तिवारी महामंत्री जिला कांग्रेस, जगत पाल सिंह पूर्व प्रदेश सचिव मध्य प्रदेश कांग्रेस, भूपेन्द्र सिंह सचिव जिला कांग्रेस प्रदर्शन स्थल में पहुंचे।

केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े पटवारी रिश्वत कांड के शिकायतकर्ता दयाराम आदिवासी,राजकुमार आदिवासी, सुना बाई, मझगांय बांध से दीपक द्विवेदी, उपेन्द्र विश्वकर्मा,अंकित सोनी, ठाकुरदीन पाल, राजरानी प्रजापति, रानी आदिवासी, मंगल यादव, गयाप्रसाद कोंदर, रूंझ बांध से महेश आदिवासी, दौलत आदिवासी, मालती आदिवासी, अनारी आदिवासी, अमरप्रसाद आदिवासी, कृपाल आदिवासी, निरपत आदिवासी, प्रभुदयाल आदिवासी, रामौतार आदिवासी, रतन आदिवासी, प्रकाश आदिवासी, बद्री आदिवासी, राकेश आदिवासी, देवीदीन आदिवासी, राजाराम आदिवासी, ललितपुर सिंगरौली रेल मार्ग-  पूरन यादव, राजाराम प्रजापति, अखिलेश जैन, शिवधनी यादव, जगदीश पटेल, आशा बाई साहू, इन्दू पाठक, मालती बाई सोनकर, रामनारायण प्रजापति सहित सैकड़ों विस्थापितों ने आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाई।

वीडियो :


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केन-बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में आएगी खुशहाली : मुख्यमंत्री

  •  पन्ना के बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए मुख्यमंत्री, किसानों से किया संवाद
  • अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्र में फसल सर्वे व किसानों की समस्याओं को निराकृत करने के निर्देश 


पन्ना। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना महाराजा छत्रसाल और भगवान श्री जुगल किशोर की नगरी है। यह एक मात्र धरती है, जहां हीरा मिलता है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पन्ना नेशनल पार्क में बाघ पुनर्स्थापना की बदौलत बाघों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को पन्ना जिला मुख्यालय स्थित सब्जी मंडी प्रांगण में आयोजित प्रदेश के 28वें बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र को केन बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य बड़ी सौगातें मिली हैं। इससे क्षेत्र में खुशहाली और नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव आएगा। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितम्बर से एक माह तक संचालित होने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ होगा। आगामी 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी बतौर कुशल प्रशासक 25 वर्ष पूर्ण करेंगे। यह हम सब के लिए गौरव और गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन से विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा है। आज केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा किसान हित में कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में बलराम महोत्सव के आयोजन से किसानों को बहुत लाभ मिलेगा। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि सहित नवाचार तकनीकों की जानकारी से बड़ी संख्या में किसान लाभांवित होंगे। 

पवई बांध, मझगांय और रुंझ सहित कई लघु सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से वृहद स्तर पर किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। उद्यानिकी खेती अपनाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा और प्रोत्साहन देने की अपील की। उन्होंने किसानों से अतिरिक्त आय के अवसर के रूप में पशुपालन और अन्य गतिविधियां अपनाने पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र करते हुए गौशाला की राशि में बढ़ोत्तरी की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवगत कराया कि सेवा संकल्प अभियान में ग्रामीण जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। भविष्य में इस योजना को नगरीय क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत होम स्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात भी कही।

 प्रगतिशील किसानों से संवाद कर कार्यों की सराहना की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। ग्राम शाहपुर खुर्द की महिला कृषक कविता रानी बताया कि वे 2019 से निरंतर प्राकतिक खेती कर रही हैं। वर्तमान में 6 गांव के लोगों को प्रशिक्षण के जरिए उन्नत खेती के गुर  भी सिखा रही हैं। इसके अलावा कृषि में कम लागत के माध्यम से आय बढ़ोत्तरी के तरीके भी बताती हैं। महिला कृषक ने कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना से निरंतर मिले सहयोग और मार्गदर्शन की जानकारी भी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने धान लगाने की विधि भी पूछी। धाम मोहल्ला पन्ना निवासी राजकमल शर्मा ने कृषि क्षेत्र में शुरू किए गए स्टार्टअप की जानकारी दी। जरूआपुर के प्रगतिशील कृषक सुब्रत मलिक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उद्यानिकी खेती के जरिए आय में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के हितग्राही नत्थू प्रसाद यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना के तहत मुर्रा भैंस क्रय कर सफलतापूर्वक डेयरी व्यवसाय गतिविधि करने के बारे में अवगत कराया।

प्रभारी मंत्री सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी की चर्चा



मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा कर संवाद किया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव ऐतिहासिक निर्णय है। इससे कृषि एवं किसान के जीवन में व्यापक बदलाव एवं परिवर्तन आएगा। इस मौके पर पन्ना विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्यों की जानकारी दी। साथ ही गौशालाओं के विकास और दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य में बढ़ोत्तरी का आग्रह किया। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने ग्राम श्यामरडाडा में जैविक खेती के बारे में बताया। साथ ही अतिवर्षा से फसल हानि का सर्वे कर मुआवजा वितरण की बात कही। 

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिला कलेक्टर को अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्र में फसल सर्वे और किसानों की अन्य समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में संचालित जन विश्वास अभियान में शिविरों के माध्यम से भी आम जनता को लाभांवित किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलाकारों के दल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य सहित देश भक्ति गीत की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत कृषि की लाभकारी जानकारी प्रदान की तथा उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया।

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Thursday, September 10, 2026

पन्ना में 47 हजार की रिश्वत लेते पटवारी संतोष चिकवा रंगे हाथों गिरफ्तार

  •  केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित आदिवासी से मांगी गई थी रिश्वत 
  • आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला हुआ दर्ज


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी संतोष चिकवा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।आरोपी पटवारी द्वारा रिश्वत की रकम केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित दयाराम आदिवासी से पटवारी प्रतिवेदन बनाने के एवज में मांगी गई थी।

डीएसपी लोकायुक्त सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित हुए दयाराम आदिवासी निवासी खजुरी कुड़ार से आरोपी पटवारी ने मुआवजे और जमीन से जुड़े कार्य के बदले 47 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित दयाराम आदिवासी की शिकायत पर लोकायुक्त सागर की 10 सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप रचा और पटवारी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते ही जिला चिकित्सालय पन्ना के गेट पर रंगे हांथ धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विस्थापित आदिवासियों के हक पर डाका डालने वाले पटवारी पर हुई इस कार्रवाई से राजस्व महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।

छोटी मछली नहीं, पूरे नेटवर्क तक पहुँचे जांच : अमित भटनागर

 पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना के नाम पर प्रभावित किसानों, आदिवासियों और ग्रामीणों के साथ लंबे समय से सामने आ रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच लोकायुक्त की कार्रवाई ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सागर लोकायुक्त की टीम द्वारा गुरुवार को जनवार-गहदरा पटवारी संतोष चिकवा को 47 हजार रु. की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने की कार्रवाई ने उन आशंकाओं को और गंभीर बना दिया है, जिन्हें हम लंबे समय से उठाते आ रहे हैं। 

केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े आदिवासियों के मुद्दों को लम्बे समय से उठाते आ रहे जय किसान संगठन के नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि हम लगातार कह रहे हैं कि केन-बेतवा परियोजना में प्रभावित आदिवासियों और किसानों की अशिक्षा, सरलता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव का लाभ उठाकर बड़े स्तर पर अनियमितताएं की जा रही हैं। आज लोकायुक्त की कार्रवाई ने कम से कम यह बता दिया कि आखिर जमीन और मुआवजे से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना गहरा है ?

अमित भटनागर ने कहा कि संतोष चिकवा यदि रिश्वतखोरी की एक कड़ी है, तो जांच केवल उसी कड़ी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पटवारी को पकड़ लेना कार्रवाई की शुरुआत हो सकती है, लेकिन इसे अंत नहीं माना जा सकता। यह पता लगाना जरूरी है कि रिश्वत की मांग किसके कहने पर हुई ? किसके संरक्षण में हुई ? किसे इसका लाभ मिलना था ? और जमीन, सर्वे, मुआवजा तथा पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया में ऊपर तक कौन-कौन लोग जुड़े हैं ? उन्होंने कहा कि प्रभावित आदिवासी और किसान लंबे समय से मुआवजा, जमीन के सर्वे, परिसंपत्तियों के मूल्यांकन और पुनर्वास को लेकर गंभीर शिकायतें उठा रहे हैं। ऐसे में एक कर्मचारी की गिरफ्तारी को पूरे तंत्र की जांच का प्रवेश-बिंदु बनाया जाना चाहिए।

अमित भटनागर ने मांग की है कि इस मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच का दायरा केवल पटवारी या किसी एक कर्मचारी तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच होती है तो यह सामने आ सकता है कि भ्रष्टाचार की कड़ियां कहां से शुरू होती हैं, और कहां तक जाती हैं। हमें आशंका है कि यह मामला केवल एक पटवारी की रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए बड़े अधिकारियों, संबंधित कर्मचारियों और यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका के संबंध में कोई साक्ष्य सामने आता है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने जांच एजेंसियों से मांग की कि मुआवजा प्रकरणों, जमीन के रिकॉर्ड, सर्वे रिपोर्ट, मूल्यांकन, नामांतरण, सहमति/ग्रामसभा से जुड़े दस्तावेजों और प्रभावित परिवारों की शिकायतों को आपस में जोड़कर जांच की जाए। आदिवासी की मजबूरी को भ्रष्टाचार का अवसर न बनाया जाए। आपने कहा कि विकास परियोजना के नाम पर विस्थापित होने वाले गरीब किसान और आदिवासी प्रशासनिक प्रक्रिया की जटिलताओं से अक्सर अनजान होते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर रिश्वत मांगता है तो यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि कमजोर और विस्थापित नागरिक के अधिकारों पर हमला है।

उन्होंने कहा कि हम विकास के विरोधी नहीं हैं। हमारी लड़ाई उस व्यवस्था के खिलाफ है जिसमें कानून और अधिकारों को दरकिनार करके गरीब, किसान और आदिवासी को उसके ही अधिकारों के लिए भटकना पड़े। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पूरी व्यवस्था की जांच कराए।

जय किसान संगठन की मुख्य मांगें -

  • संतोष चिकवा रिश्वत प्रकरण की जांच को व्यापक किया जाए
  • रिश्वतखोरी की पूरी कड़ी और संभावित लाभार्थियों की जांच हो
  • संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए
  • यदि जांच में किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका के साक्ष्य मिलते हैं तो उसकी भी निष्पक्ष जांच हो
  • केन-बेतवा परियोजना के प्रभावित गांवों में मुआवजा, सर्वे, परिसंपत्ति मूल्यांकन और पुनर्वास प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए
  • आदिवासी और किसान परिवारों की शिकायतों की स्वतंत्र सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाए

अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता, कानून और प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए है। एक पटवारी पकड़ा गया है तो जांच यहीं खत्म नहीं होनी चाहिए। अगर भ्रष्टाचार की जड़ें ऊपर तक हैं, तो उन्हें भी सामने लाना होगा। छोटी मछली पकड़कर बड़े भ्रष्टाचार को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

वीडियो अमित भटनागर -



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Monday, September 7, 2026

पन्ना पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से “वर्क फ्रॉम होम” का झांसा देकर फ्रॉड करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 05 सक्रिय सदस्यों को राजस्थान से किया गिरफ्तार


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से “वर्क फ्रॉम होम” का झांसा देकर फ्रॉड करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 01 विधि-विरुद्ध बालक सहित 05 सक्रिय सदस्यों को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फरियादिया को घर बैठे बुक/कंटेन्ट लिखने का कार्य देकर 05 लाख 87 हजार रूपये की धोखाधड़ी की थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी गई राशि में से 5 लाख 82 हजार रूपये बरामद हुए हैं। 

पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू ने जानकारी देते हुए आज आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि फरियादिया कुमारी शशि कुशवाहा 19 वर्ष निवासी परषोत्तमपुर थाना कोतवाली पन्ना द्वारा थाना कोतवाली पन्ना में रिपोर्ट की गई कि 17 अगस्त 2026 को वह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान उसे घर बैठे नौकरी/वर्क फ्रॉम होम से संबंधित एक वीडियो विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दी गई जानकारी के आधार पर फरियादिया ने टेलीग्राम एप डाउनलोड कर “विश्वाबुक पब्लिकेशन” नामक ग्रुप ज्वाइन किया। ग्रुप के माध्यम से आरोपियों द्वारा फरियादिया को घर बैठे बुक/कंटेन्ट लिखने का कार्य देकर 25 हजार रूपये भुगतान करने का झांसा दिया गया। 

इसके बाद आरोपियों द्वारा अलग-अलग बहाने बनाकर फरियादिया से रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज, सिक्योरिटी चार्ज, विड्रॉल चार्ज एवं बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन चार्ज आदि के नाम पर लगातार अलग-अलग क्यूआर कोड भेजकर यूपीआई/फोन-पे के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई गई। आरोपियों द्वारा फरियादिया को यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके खाते में उसकी रकम एवं नौकरी से संबंधित भुगतान प्राप्त हो जाएगा। इसी झांसे में फरियादिया से विभिन्न किश्तों में कुल 5 लाख 87 हजार 391 रूपये की राशि ट्रांसफर करा ली गई। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली पन्ना में अपराध क्रमांक 658/26 धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।



मामले में गठित पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एवं उपलब्ध डिजिटल जानकारी का विश्लेषण करते हुए आरोपियों की पहचान एवं स्थान का पता लगाया गया। मामले की तकनीकी जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा संदेही व्यक्तियों को चिन्हित किया जाकर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु तत्परता से कार्यवाही करते हुए मामले में शामिल 05 व्यक्तियों को दौसा, राजस्थान से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। 

पूँछताछ किये जाने पर उक्त व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि हम लोग सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम के लुभावने विज्ञापन प्रसारित करते हैं, विज्ञापन देखकर हमसे संपर्क करने वाले व्यक्तियों को हम लोग वर्क फ्रॉम होम का भरोसा देकर एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ देते हैं। इसके बाद अलग अलग चार्ज (जैसे - रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज, सिक्योरिटी चार्ज, विड्रॉल चार्ज एवं बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन चार्ज आदि ) बताकर पैसो की ठगी कर लेते हैं। यही घटना हम लोगो ने फरियादिया शशि कुशवाहा के साथ की थी। पुलिस टीम द्वारा मामले में 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया जाकर 01 विधिविरूद्ध बालक को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना जारी है ।

धोखाधड़ी और फ्राड के इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में दिलखुश 18 वर्ष निवासी महराजपुरा तालाब गाँव थाना लालसोट जिला दौसा राजस्थान, छोटा उर्फ हेमराज 20 वर्ष निवासी ग्राम करनपुरा थाना लालसोट जिला दौसा राजस्थान, संतोष मीना 23 वर्ष निवासी करनपुरा थाना लालसोट जिला दौसा राजस्थान,अजय कुमार 20 वर्ष निवासी उगरिया बास थाना लालसोट जिला दौसा राजस्थान तथा एक विधि विरूद्ध बालक शामिल है। मामले में पुलिस टीम द्वार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 5 लाख 82 हजार रूपये नगद एवं 04 मोबाइल (02 आई फोन, 02 एन्ड्रॉयड) कीमती करीब 2 लाख 50 हजार रूपये सहित कुल मशरूका कीमती करीब 8 लाख 32 हजार रूपये का जप्त किया गया है।



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Thursday, September 3, 2026

पन्ना जिले में नदियां उफान पर, जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित

 


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण केन, मिढ़ासन, पतने व किलकिला नदियां जहाँ उफान पर हैं, वहीं सड़क मार्गों पर जल भराव होने से आवागमन भी बाधित हो रहा है। बीती रात व आज हुई तेज बारिश ने पन्ना शहर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पन्ना शहर का प्राचीन धर्म सागर तालाब लबालब हो गया और बेस्ट वियर से निकला पानी तेज बहाव के साथ शहर के निचले इलाकों में पहुंच रहा है। जिससे हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में पहुँच पाना कठिन हो गया है। शहर में स्थित यूनियन बैंक के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके चलते बैंक को बंद रखना पड़ा है। शहर के इंद्रपुरी, धाम मोहल्ला, रजा बाबू कालोनी व बड़ा बाजार सहित कई इलाकों में दुकानों और भवनों के ग्राउंड फ्लोर जलमग्न हो गए हैं।


पन्ना शहर के निकट से प्रवाहित होने वाली किलकिला नदी भी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। जलभराव के बीच कुछ लोगों के फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते पानी और जारी बारिश के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और राहत-बचाव दलों के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पानी भरने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

कलेक्टर ने निरीक्षण कर वर्षा जल भराव की स्थिति का लिया जायजा



पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने गुरुवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर वर्तमान में जारी अतिवर्षा के कारण जल भराव की स्थिति का जायजा लिया और किसी भी आपात स्थिति पर आवश्यक राहत और बचाव कार्य के संबंध में त्वरित रूप से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भमण के दौरान जिला कलेक्टर द्वारा स्थानीय रहवासियों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ सड़क, पुल पुलिया, सार्वजनिक स्थल एवं नदी व तालाब क्षेत्र की स्थिति देखी। इस दौरान राहत व बचाव टीम को सतर्कता एवं समन्वय के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिवस में किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति में प्राथमिकता के साथ आपदा प्रबंधन कार्य संपादित किया जाए। जन हानि और पशु हानि सहित अन्य किसी भी नुकसान को रोकना पहली प्राथमिकता है। 

निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम और विभागीय अधिकारियों से आवश्यक चर्चा कर सतत् मॉनिटरिंग और पूरी गंभीरता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित भी किया। साथ ही बाढ़ आपदा जैसी स्थिति में महत्वपूर्ण सूचना वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करने सहित कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर पर भी अवगत कराने के लिए कहा। उन्होंने एसडीईआरएफ और अन्य राहत बचाव टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ सदैव मुस्तैद रहने की नसीहत भी दी।

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Tuesday, September 1, 2026

पन्ना में श्रीकृष्ण पर्व : इतिहास, आस्था और कला के रंगों में रंगेगा बुंदेलखंड, संस्कृति विभाग द्वारा होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम


पन्ना। जन आस्था के केन्द्र मध्यप्रदेश के पन्ना स्थित श्री जुगुल कशोर मन्दिर में कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जायेगा। पन्ना केवल हीरों की धरती नहीं, यह भक्ति, संस्कृति और परंपराओं की भी ऐसी धरती है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की कथा मंदिरों की घंटियों, लोकगीतों और जन-आस्था में आज भी जीवंत सुनाई देती है। इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन, पन्ना के सहयोग से श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन पन्ना के दो विशिष्ट श्रीकृष्ण स्थलों श्री जुगल किशोर मंदिर एवं श्री बलदेवजी मंदिर में किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कृष्ण भक्तों के लिये बुन्देलखण्ड क्षेत्र के पन्ना में स्थित श्री जुगुल किशोरजी का मंदिर वृन्दावन से कम नहीं है। यह अनूठा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। मंदिर में विराजे राधा कृष्ण की जोड़ी के अलौकिक दर्शनों के लिये प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कहा जाता है कि सदियों पुराने इस भव्य मंदिर में जब भगवान श्री कृष्ण की अलौकिक प्रतिमा प्रतिष्ठित कराई गई थी उस समय श्री कृष्ण की मुरलिया में बेशकीमती हीरे जड़े गये थे। इसको लेकर बुन्देलखण्ड क्षेत्र में यह भजन हर किसी की जुबान में रहता है कि पन्ना के जुगुल किशोर मुरलिया में हीरा जड़े हैं। पन्ना के इस प्राचीन और जन आस्था के केन्द्र जुगुल किशोरजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम और अनूठे अंदाज में मनाया जाता है। इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर्व मनाने के लिये जोर शोर के साथ तैयारियां चल रही हैं। 

संचालक, संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि श्री जुगल किशोर मंदिर में यह कार्यक्रम 3 एवं 4 सितम्बर, 2026 को एवं श्री बलदेव जी मंदिर में 2 सितम्बर को आयोजित किया जा रहा है। दोनों ही स्थलों पर कार्यक्रम सायं 7 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। उन्होंने बताया कि दो मंदिर, दो अलग स्थापत्य संसार, दो अलग ऐतिहासिक यात्राएँ, लेकिन भाव एक ही - श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और बुंदेलखंड की जीवंत सांस्कृतिक चेतना।

प्राचीन श्री जुगल किशोर मंदिर में दो दिवसीय श्रीकृष्ण पर्व के अंतर्गत 3 सितम्बर को ‘कृष्ण रास’ नृत्य नाटिका की प्रस्तुति रंग त्रिवेणी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति, भोपाल एवं भक्ति गायन सुश्री अंकिता कैलासिया एवं साथी, ग्वालियर द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। 4 सितंबर को श्रीकृष्ण केंद्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति सुश्री जान्हवी सिंह एवं साथी, रीवा एवं भक्ति गायन सुश्री दामिनी पठारिया, नर्मदापुरम प्रस्तुत करेंगी। जबकि  2 सितंबर को सायं 7 बजे से श्री बलदेवजी मंदिर परिसर, पन्ना में श्रीकृष्ण पर्व का शुभारंभ होगा। यहां बलदेव-श्रीकृष्ण प्रसंग नृत्य नाटिका की प्रस्तुति सुश्री मिली वर्मा एवं साथी, भोपाल द्वारा एवं भक्ति गायन की प्रस्तुति  विकास सिरमोलिया एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी। 

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Saturday, August 22, 2026

केन-बेतवा लिंक प्रभावित लोगों से राहुल गांधी की मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री तत्काल पहुंचे खजुराहो, अधिकारियों के साथ की बैठक

 


पन्ना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर तथा केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों की मुलाकात पिछले  दिनों दिल्ली में हुई थी। श्री गांधी ने उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था।  सरकार द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण न किए जाने पर पन्ना-छतरपुर पहुंचने की बात की थी। राहुल गांधी के साथ प्रभावितों की हुई मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 अगस्त को खजुराहो पहुंचे तथा संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने लिंक परियोजना से संबंधित लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।

घर-घर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की समस्याएं समझें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने पन्ना एवं छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें। विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की कठिनाइयों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका प्राथमिकता से निराकरण कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित परिवारों को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। जहां परिवारों ने नए स्थान पर निवास बना लिया है, वहां स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

रूँझ-मझगांव परियोजना के प्रभावितों को अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान

मुख्यमंत्री ने पन्ना की रूँझ-मझगांव परियोजना में स्वीकृत अतिरिक्त राशि का प्रभावितों को शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए। जिन प्रभावितों के पास उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का निर्धारण मेडिकल परीक्षण के आधार पर करने को कहा।

बैठक में प्रमुख सचिव जल संसाधन विभाग संदीप यादव ने परियोजना की प्रगति का प्रस्तुतिकरण दिया।  मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़े जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ गांव-गांव नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं के माध्यम से लोगों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जाए। मैदानी स्तर पर सकारात्मक गतिविधियां आयोजित कर लोगों की आशंकाओं और समस्याओं का समाधान किया जाए।

8.11 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता, 44 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा पेयजल

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश में लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी प्रस्तावित है। बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के 1,382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल जल संसाधन विकास की योजना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सम्मानजनक ढंग से हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। 

समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों में खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, पन्ना, छतरपुर, बिजावर, राजनगर विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव संदीप यादव, सचिव (मुख्यमंत्री) डॉ. सुदाम खाड़े, सागर कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, कलेक्टर छतरपुर मृणाल मीना, कलेक्टर पन्ना ऊषा परमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thursday, August 20, 2026

पन्ना जिले में झमाझम बारिश से नदी नाले उफान पर, कई मार्गों में आवागमन ठप्प

 


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने से कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। जिले की केन, पतने, मिढ़ासन व किलकिला नदी सहित नालों में उफान और तेज बहाव के कारण अलर्ट जारी किया गया है। शाहनगर, पवई, अजयगढ़ व रैपुरा क्षेत्र में हालात खराब हैं।

भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय पन्ना से मिली जानकारी अनुसार 19 अगस्त को वर्षामापी केन्द्र पन्ना में सर्वाधिक 114.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि देवेन्द्रनगर में 96.2 मिमी, गुनौर में 68.8 मिमी, अमानगंज में 42 मिमी, पवई में 84 मिमी, सिमरिया में 75.2 मिमी, शाहनगर में 48.4 मिमी, रैपुरा में 27.2 मिमी और अजयगढ़ में 72.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

कलेक्टर ऊषा परमार ने पन्ना जिले में निरंतर अत्यधिक वर्षा होने तथा भारी वर्षा का अलर्ट जारी होने के दृष्टिगत जिले के सभी शासकीय, निजी, अनुदान प्राप्त विद्यालयों सहित नवोदय विद्यालय तथा सीबीएससी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्यनरत कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए गुरूवार, 20 अगस्त को अवकाश घोषित किया है। 

विदित हो कि विभिन्न मार्गों पर वर्षा के पानी के भराव की स्थिति निर्मित होने के साथ विभिन्न नदी एवं नालों का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इस कारण जिला कलेक्टर द्वारा पूर्व में बुधवार को भी विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था। अवकाश के कारण बाधित शैक्षणिक पाठ्यक्रम की पूर्ति अन्य कार्य दिवसों में अतिरिक्त कालखण्ड लगाकर की जाएगी। सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को विद्यालयीन समय में उपस्थित रहकर कार्य संचालन के निर्देश दिए गए हैं।

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Tuesday, August 11, 2026

पन्ना में गरीब मजदूर को मिला 16.96 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा

 

पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में अखिलेश पाल हीरा दिखते हुए

पन्ना। बेशकीमती हीरों के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज एक गरीब मजदूर को सरकोहा गाँव की उथली हीरा खदान में 16.96 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है। जेम क्वालिटी वाले इस हीरे की अनुमानित कीमत लाखों में आंकी जा रही है। हीरा धारक अखिलेश पाल निवासी नारंगी बाग पन्ना आज सायं अपने परिवार व सहयोगियों के साथ जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे का वजन करवाकर उसे विधिवत हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। 

हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरा धारक अखिलेश पाल ने हीरा कार्यालय से दो वर्ष पूर्व अपने खेत में पट्टा बनवाकर 6 अन्य साझेदारों के साथ खदान लगाई थी। खदान की खुदाई के दौरान इन्हे कोई हीरा नहीं मिला। खदान से निकला मलबा (चाल) वहीं पर पड़ा हुआ था। आज मंगलवार को बारिश होने के बाद अखिलेश पाल जब खदान में पहुंचा तो बारिश के पानी में धुलकर मलबे के ढ़ेर में उसे चमकता हुआ हीरा नजर आया। उसने उस चमकते पत्थर को उत्सुकता से उठाया और देखा तो पता चला कि यह कोई साधारण पत्थर नहीं अपितु कीमती हीरा है। इतना बड़ा बेशकीमती हीरा मिलने के बाद अखिलेश पाल अपने सहयोगियों के साथ हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे को विधिवत जमा कराया। हीरा मिलने की खबर से उसका परिवार बेहद खुश है, उनका कहना है कि अब तक हमने कठिन जिंदगी जी है, लेकिन हीरा मिलने से अब सारे कष्ट व परेशानी दूर हो जाएगी। 

हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि सरकोहा की निजी खदान में मिला जेम क्वालिटी का यह कीमती हीरा है, जिसकी बाजार में अच्छी डिमांड होती है। इस हीरे को आगामी हीरा नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। अनुमानित कीमत पूंछे जाने पर आपने बताया कि यह 50 लाख रुपये से अधिक का होना चाहिए। जबकि जानकारों का कहना है कि इस नायाब हीरे की अनुमानित कीमत 80 लाख रुपये तक जा सकती है।

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