पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में एक दो वर्षीय नर बाघ की संदिग्ध मौत का मामला प्रकाश में आया है। कुछ दिनों पूर्व एक वयस्क नर बाघ का क्षत-विक्षत कंकाल संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि आज एक और बाघ की मौत होने की खबर आने के बाद से पन्ना टाइगर रिज़र्व में हड़कंप मचा है।
उल्लेखनीय है कि अमानगंज बफर रेंज के ग्राम तारा के आसपास यह बाघ देखा गया था। जिसे रेस्क्यू कर रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा गया था। लेकिन स्वस्थ हालत में छोड़े गए इस दो वर्षीय नर बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पन्ना टाइगर रिजर्व एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। जिस बाघ को सप्ताह भर पूर्व आबादी क्षेत्र से सुरक्षित पकड़कर गहन चिकित्सीय परीक्षण के बाद पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए कोर एरिया में छोड़ा गया था, उसकी अचानक मौत ने वन्यजीव सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह अमानगंज वन परिक्षेत्र की रमपुरा बीट के हाथीडोल क्षेत्र में एक नाले के पास उक्त बाघ का शव मिला। यह वही बाघ है जिसे 26 अप्रैल 2026 को ग्राम तारा के आबादी क्षेत्र से ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया था। बाघ को रेडियो कॉलर पहनाकर उसकी सतत निगरानी का दावा किया जा रहा था, इसके बावजूद उसकी मौत कैसे हुई- यह सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरा है। रेस्क्यू के बाद कॉलरिंग कर उसकी हर गतिविधि पर नजर रखने का दावा किया गया था। ऐसे में एक सप्ताह के भीतर ही उसकी संदिग्ध मौत होना कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व बृजेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मृत पाए गए इस बाघ को पन्ना टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र अमानगंज बफर के पास तारा ग्राम से विगत 26 अप्रैल को रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू उपरांत बाघ को पन्ना टाइगर रिज़र्व कोर क्षेत्र में स्वस्थ अवस्था में रेडियो कॉलर पहनाकर छोड़ा गया था। उक्त बाघ की हाथियों और वनकर्मियों द्वारा सतत निगरानी की जा रही थी। चिकित्सक दल द्वारा पोस्टमार्टम के उपरांत बताया गया कि उक्त बाघ के शरीर के विभिन्न अंगों में घाव के निशान हैं एवं Vertebral bone, Skull bone भी टूटी पाई गई। जिससे यह प्रतीत होता है कि बाघ की मत्यु प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष के कारण हुई होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने पर मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए समस्त सैंपल सक्षम प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
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