Thursday, February 13, 2020

वन अमले ने अवैध हीरा खदानों पर फिर मारा छापा

  •   विश्रामगंज परिक्षेत्र के सरकोहा बीट में हुई कार्यवाही
  •   डीजल पम्प सहित सामग्री जब्त, आरोपी मौके से फरार


 खदानों से जब्त हुई सामग्री के साथ वन अमला।

अरुण सिंह,पन्ना। वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से संचालित हो रही उथली हीरा खदानों पर रोक लगाने के लिये वन अमले द्वारा छापामार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत गुरूवार 13 फरवरी को वन परिक्षेत्र विश्रामगंज के अन्तर्गत सरकोहा बीट के कक्ष क्र. पी-333 में चल रही हीरा खदानों में छापा मारा गया। इस कार्यवाही में मौके से एक डीजल पम्प सहित उत्खनन में उपयोग होने वाले फावड़े, गेंती, झूमरा, रम्भा, डिलेवरी पाईप व लोहे की छन्नी आदि जब्त कर वन अपराध प्रकरण क्र. 153/25 दिनांक 13.02.2020 पंजीबद्ध किया गया है। वन अमले के वहां पहुँचते ही उत्खनन कार्य में लगे लोग मौके से फरार हो गये हैं।
उप वन मण्डलाधिकारी विश्रामगंज नरेन्द्र सिंह परिहार ने जानकारी देते हुये बताया कि सरकोहा क्षेत्र में अवैध रूप से हीरा की खदानें संचालित होने की जानकारी प्राप्त होने पर छापामार कार्यवाही हेतु टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा वन परिक्षेत्राधिकारी विश्रामगंज अजय बाजपेयी के नेतृत्व में छापामार कार्यवाही की गई लेकिन आरोपी मौके से भागने में सफल हो गये। मालुम हो कि विश्रामगंज वन परिक्षेत्र के कई इलाकों में हीरा पाया जाता है। चूँकि राजस्व क्षेत्र में अब हीरा धारित क्षेत्र कम ही बचा है, ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में लोग चोरी-छिपे वन क्षेत्र में हीरा खदानें चलाते हैं। मौजूदा समय सबसे ज्यादा अवैध हीरा खदानें सरकोहा बीट में ही चल रही हैं। यही वजह है कि चल रहे इस अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिये छापामार अभियान शुरू किया गया है।

विश्रामगंज वन परिक्षेत्र के सरकोहा बीट में हुये अवैध उत्खनन का नजारा। 
वन परिक्षेत्राधिकारी विश्रामगंज अजय बाजपेयी ने बताया कि अवैध हीरा खदान चलाने वाले लोगों का मजबूत नेटवर्क है। वे लोग हर समय वन अधिकारियों की गतिविधियों पर चौकस नजर रखते हैं। हम लोग मुख्यालय से जैसे ही निकलते हैं खदान क्षेत्र में सूचना पहुँच जाती है। श्री बाजपेयी ने बताया कि अब हमने भी यह ठान लिया है कि वन क्षेत्र में अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जायेगा। अवैध रूप से हीरा खदान चलाने वाले लोगों से निपटने के लिये विशेष रणनीति बनाई जा रही है जिसका असर जल्दी ही दिखने लगेगा। इस छापामार कार्यवाही से पूर्व विश्रामगंज वन परिक्षेत्र के ही पुरूषोत्तमपुर बीट में विगत 7 फरवरी को छापा मारा गया था। यहां भी 3 नग डीजल पम्प सहित बड़ी मात्रा में उत्खनन कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री जब्त की गई थी। लेकिन छापामार दल के हत्थे पुरूषोत्तमपुर में भी एक भी आरोपी नहीं चढ़ सका। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी छापामार कार्यवाही है जिसमें सामान तो जब्त हुआ लेकिन आरोपी भाग निकले हैं। वन विभाग के इस छापामार अभियान से अवैध हीरा खदान चलाने वाले अब सशंकित जरूर हो गये हैं। यदि अभियान इसी तरह जारी रहा तो अवैध हीरा उत्खनन सहित वनों की होने वाली कटाई में भी अंकुश लगेगा। इस पूरी कार्यवाही में वन परिक्षेत्राधिकारी अजय बाजपेयी के अलावा शेख महबूव परिक्षेत्र सहायक रानीपुर, काशी प्रसाद अहिरवार परिक्षेत्र सहायक माझा, कमलेश विश्वकर्मा वनरक्षक, अरूण ज्योति भौमिक, भागीलाल पटेल, मुकेश रैकवार, अमान सिंह , शिवबहादुर बागरी एवं सुरक्षा श्रमिक व चालक चन्द्रभान सिंह का विशेष योगदान रहा।
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