Friday, February 28, 2020

पवई मध्यम सिंचाई परियोजना का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

  •   परियोजना से 150 ग्रामों को उपलब्ध कराया जायेगा पेयजल
  •   11 हजार हेक्टेयर से भी अधिक कृषि भूमि सिंचित होगी



सिंचाई परियोजना का अवलोकन करते हुये कलेक्टर साथ में कार्यपालन यंत्री व अन्य।

अरुण सिंह,पन्ना।  पवई मध्यम सिंचाई परियोजना तेंदूघाट का कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन यंत्री जल संसाधन को निर्देश दिये कि परियोजना में गर्मी के दिनों में इतना पानी भण्डारित रखें जिससे समूह नलजल योजना के लिये पानी की कमी न पडे।
मौके पर उपस्थित कार्यपालन यंत्री जल संसाधन श्री दादौरिया ने बताया कि यह मध्यम सिंचाई परियोजना 174 मीटर लम्बी एवं 37.50 मीटर पक्के बांध की ऊँचाई है। इसके अलावा 632 मीटर लम्बाई एवं 23 मीटर ऊँचाई मिट्टी का बांध है। इस परियोजना में 9 गेट लगाये गये हैं। इसका जल ग्रहण क्षेत्र 995 वर्ग  किमी तथा बांध में जल भराव की क्षमता 138.60 मिलियन घन मीटर तथा जीवित जल भराव क्षमता 122.25 मिलियन  घन मीटर है। इस बांध से बनने वाली नहरों का काम लगभग पूरा हो गया है। इसकी वाई तरफ नहर से 6643 तथा दाई तरह नहर से 1720 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई इस बांध से समूह नलजल योजना के माध्यम से लगभग 150 ग्रामों को पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा। बांध के डूब क्षेत्र में तकरीबन 1373 हेक्टेयर भूमि आई है, जिसमें निजी भूमि 599 हेक्टेयर, शासकीय भूमि 536 हेक्टेयर तथा 238 हेक्टेयर के लगभग वन भूमि प्रभावित हुई है। पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के द्वारा नहरों के माध्यम से 11 हजार हेक्टेयर से भी अधिक कृषि भूमि सिंचित होगी। कार्यपालन यंत्री श्री दादौरिया ने बताया कि पवई मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत निर्मित  की जाने वाली मुख्य नहरों की लम्बाई 40.61 किमी है।  नहरों के निर्माण का कार्य पूरा होने पर अंचल के किसानों को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी, जिससे सूखा और अल्प वर्षा के चलते बदहाली का जीवन गुजारने वाले किसानों की जिन्दगी खुशहाल होगी।
कलेक्टर श्री शर्मा ने बांध एवं नहर का निरीक्षण करने के उपरांत निर्देश दिये कि नहरों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाये। जिससे आगामी मौसम में किसानों को सिंचाई के लिये पानी मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि यदि कही भूमि अधिग्रहण करने की आवश्यकता है तो पटवारी से सम्पर्क स्थापित कर भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिले में जो भी बांध अथवा नहरें निर्माणाधीन हैं उन सभी के भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर ली जाये। जिन सिंचाई बांधों पर समूह नलजल योजना स्थापित की गई हैं उनके लिये हर समय आवश्यकतानुसार जल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
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