Monday, June 10, 2019

धरम सागर तालाब में निकले हैं खतरनाक लोहे के सरिया

  •   जान को खतरा का बोर्ड लगाकर नगर पालिका ने पल्ला झाड़ा 
  •   वर्ष 2016 में गहरीकरण के दौरान हुआ था अधूरा निर्माण कार्य
  •   जानलेवा सरिया बरसात शुरू होते ही फिर डूब जायेंगी पानी में
  •   गत शनिवार को तालाब में डूबने से हुई है 2 बच्चों की मौत


पन्ना का धर्मसागर तालाब मेँ पानी के भीतर नजर आतीं खतरनाक लोहे की सरिया। 

अरुण सिंह,पन्ना। पन्ना शहर के जीवन का आधार ऐतिहासिक धरम सागर तालाब अब जानलेवा साबित हो रहा है। मदारटुंगा पहाड़ी की तराई में निॢमत झीलनुमा यह प्राचीन जलाशय राजाशाही जमाने से पन्ना शहर की प्यास बुझाता आ रहा है। लेकिन समुचित देखरेख के अभाव व प्रशासनिक उदासीनता के चलते यह जीवनदायी तालाब खतरनाक हो गया है। गर्मी से राहत पाने के लिये इस तालाब में तैरना व नहाना जान जोखिम में डालने जैसा है। गत शनिवार को इसी तालाब में दो मासूम बालकों की डूबने से मौत हुई है। मालुम हो कि धरम सागर के गहरीकरण का कार्य जन सहयोग से 2016 में किया गया था। गहरीकरण के दौरान खुदाई में तालाब से हजारों डम्फर मिट्टी निकाली गई। तालाब के जीर्ण-शीर्ण हो चुके घाटों के जीर्णोद्धार और रखरखाव का कार्य भी शुरू किया गया। इसी क्रम में धरम सागर तालाब के बाबा घाट में रिटॄनग वॉल के निर्माण का कार्य चल रहा था, दरक रहे घाटों को टूटने से बचाने और तालाब की मेड़ को मजबूत करने के लिये पानी में आरसीसी कंकरीट की वाल बनाई जा रही थी। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई और 4-5 फिट की निकली जानलेवा खतरनाक लोहे की सरिया काम अधूरा रह जाने के कारण बाहर ही निकली रह गईं जो बारिश होने पर पानी में डूब गईं। लोहे की ये खतरनाक सरिया अब जानलेवा साबित हो रही हैं।
उल्लेखनीय है कि धरमसागर तालाब के गहरीकरण व जीर्णोद्धार का कार्य 3 वर्ष पूर्व कराया गया था उस समय पन्ना नगर के लोगों से लाखों रू. सहयोग राशि भी प्राप्त हुई थी। बताया जाता है कि आम जनता के सहयोग से एकत्रित हुई यह धनराशि जो गहरीकरण के उपरान्त शेष बची थी वह अभी भी पन्ना नगर पालिका के पास जमा है लेकिन इस जमा धनराशि का उपयोग अधूरे पड़े तालाब के निर्माण कार्य को पूरा कराने में नहीं किया गया। नतीजतन तालाब में पानी के अंदर निकली हुई लोहे की सरिया अत्यधिक खतरनाक और जानलेवा हो गई हैं। मौजूदा समय तालाब का बहुत बड़ा हिस्सा सूख चुका है तथा पानी में डूबी रहने वाली लोहे की सरिया भी बाहर निकल आई हैं। यही वह मौका है जब अधूरे पड़े निर्माण कार्य को पूरा कराकर खतरनाक सरियों को ठिकाने लगाया जा सकता है। इसके लिये नगर पालिका प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिये। धरमसागर तालाब के जिस घाट में सरिया निकली हैं वहां बड़ी संख्या में लोग स्नान करते हैं जिससे हरसमय खतरा बना रहता है।  बरसात शुरू होने के पूर्व तत्काल निर्माण कार्य पूरा कराकर इन सरियों  को खत्म करना जरूरी है, यदि ऐसा नहीं किया गया तो हमेशा खतरा बना रहेगा और कभी भी किसी की जान जा सकती है।

नवागत कलेक्टर को देना होगा ध्यान



जिले के नवागत कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को पन्ना के जीवनदायी धरमसागर तालाब के रखरखाव व समुचित देखरेख पर विशेष ध्यान देना होगा। कलेक्टर श्री शर्मा पदभार गृहण करने के बाद जनहित से जुड़े कार्यों में जिस तरह से रुचि दिखाई है तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिये प्रयास किये हैं उससे लोगों में उम्मीद जागी है कि इनके कार्यकाल में यहां अच्छे कार्य होंगे। नगरवासियों ने नवागत कलेक्टर श्री शर्मा का ध्यान धरमसागर तालाब के अधूरे पड़े कार्य की ओर आकृष्ट कराते हुये यह अपेक्षा की है कि वे नगरपालिका या संबंधित एजेंसी को कार्य पूरा करने के निर्देश देंगे। अन्यथा बारिश शुरू होते ही तालाब में निकली सरिया फि र डूब जायेंगी और पन्ना नगर के लोगों की जान पर खतरा बना रहेगा।

बच्चों की मौत को सांसद ने बताया दुखद

खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने तालाब में डूबने से हुई दो बच्चों की असमय मौत पर दुख जताते हुये कहा है कि मेरी संवेदनायें पीडि़त परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना के धरमसागर तालाब में घाट से कुछ ही दूरी पर पानी के अंदर निकली लोहे की सरिया अत्यधिक खतरनाक है। इन सरियों के कारण कभी भी और कोई बड़ा हादसा हो सकता है इसलिये कलेक्टर और प्रशासन से मैं तत्काल बात करूंगा कि बरसात शुरू होने से पूर्व ही यह कार्य कराया जाये। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि यह निकली हुई सरिया किसी बड़ी घटना को आमंत्रण दे रहे हैं जो चिन्ता का विषय है।
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