Friday, July 5, 2019

दूल्हा बने भगवान जगन्नाथ स्वामी, हजारों श्रद्धालु बने बाराती

  •   पन्ना में धूमधाम के साथ निकली भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा
  •   राजपरिवार के सदस्यों सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
  •   जगन्नाथपुरी की तर्ज पर निकलती है पन्ना की ऐतिहासिक रथयात्रा


पन्ना के श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर के सामने खड़े रथ में सवार जगत के नाथ 

अरुण सिंह,पन्ना। मन्दिरों के शहर पन्ना में भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा परम्परानुसार बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ गुरूवार शाम 6 बजे बड़ा दिवाला मन्दिर से निकली। 166 वर्ष पुराने बुन्देलखण्ड अंचल के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में हजारों धर्मप्रेमी बाराती बनकर शामिल हुये। दूल्हा बने भगवान जगन्नाथ स्वामी के दर्शन पाकर और इतनी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों के जुटने से मन्दिरों की पवित्र नगरी पन्ना का कण-कण पुलकित हो उठा। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार गुरूवार की शाम शहर के जगदीश स्वामी मन्दिर से जब भगवान बलभद्र, शक्तिस्वरूपा देवी सुभद्रा और दूल्हा बने भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाओं को मन्दिर के गर्भगृह से निकालकर उन्हें शाही रथों पर आसीन किया गया, तो वहां भगवान की एक झलक पाने उपस्थित श्रद्धालु धर्मप्रेमी भाव-विभोर हो उठे और पूरा प्रांगण भगवान जगन्नाथ स्वामी के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। भगवान की मनमोहक छवि की एक झलक पाने भक्तों में होड़ मच गई। मन्दिरों की नगरी पन्ना में डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक समय से आयोजित हो रहे ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव की बात ही कुछ निराली है। तभी तो वर्षों से रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ उठाने यहां प्रतिवर्ष बुन्देलखण्ड अंचल के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। परम्परानुसार भगवान के बड़े भाई बलभद्र, बहन देवी सुभद्रा व भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमाओं को पन्ना राज परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान के साथ रथारूढ़ कराया गया।

दर्शन के लिए मंदिर परिसर में उमड़े श्रद्धालुओं का द्रश्य। 

भगवान के रथों में सवार होने के साथ जैसे ही रथयात्रा शुरू हुई, उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयकारों के साथ जगत के नाथ के दर्शन किये साथ ही रथयात्रा में शामिल भक्तों के बीच रथों को खींचने की होड़ मच गई। भगवान जगन्नाथ स्वामी जी का कीर्तन करते हुये भक्तों ने रथों को खींचकर धर्मलाभ उठाया। ऐसी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव के साथ कीर्तन करते हुये भगवान के रथों को खींचता है। वह पुनर्जन्म से मुक्त हो जाता है। धर्माचार्यों का मानना है कि यह एक ऐसा अद्वितीय पर्व है जब भगवान जगन्नाथ चलकर जनता के बीच आते हैं, भगवान दसों अवतार का रूप धारण करते हैं और सभी भक्तों को दर्शन देकर समान रूप से तृप्त करते हैं। पन्ना नगर में ऐतिहासिक रथयात्रा महोत्सव का आयोजन जगन्नाथपुरी की तर्ज पर होता है। भगवान के रथों के आगे तुरही एवं शंख तथा घण्टों व घरियाल के सुमधुर स्वरों ने पूरे नगर को भक्ति के सागर में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर पन्ना राजपरिवार के महाराज राघवेन्द्र सिंह, पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह, नपा अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, बबलू पाठक, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी, सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी तथा हजारों की तादाद में दूर - दूर से आये श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शहर में मार्ग से गुजरती रथयात्रा 

श्रद्धालुओं ने जगह-जगह उतारी आरती

जगदीश स्वामी जी मन्दिर से प्रथम पड़ाव लखूरन बाग के लिये ऐतिहासिक रथयात्रा के मार्ग में पडऩे वाले मन्दिरों में तथा जगह-जगह धर्मप्रेमी जनता द्वारा पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान की आरती उतारी और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिये जगत के नाथ से प्रार्थना की। जगन्नाथ स्वामी मंदिर जहाँ से  रथयात्रा शुरू हुई  वहां  लेकर प्रथम पड़ाव लखूरन बाग तक भगवान की एक झलक पाने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।   

रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम


जिला प्रशासन ने रथयात्रा के भव्य आयोजन को लेकर जहां सड़क, बिजली, पानी आदि की बेहतर व्यवस्था की वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों की भागीदारी को देखते हुये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये। रथयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने पर पुलिस द्वारा महिला पुलिसकर्मियों की भी पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई। रथयात्रा में बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल रहा और इसके अतिरिक्त रथयात्रा के मार्ग में पडऩे वाले प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस और नगरसेना के जवान मुस्तैदी से तैनात रहे।
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