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| पन्ना एसपी कार्यालय के बाहर परिसर में धरना में बैठे ग्रामीण |
पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रुंझ, मझगांय डैम और केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर किसानों का विरोध अब बड़े आंदोलन में बदलता नजर आ रहा है। भू-अधिग्रहण, मुआवजा और विस्थापन पैकेज की मांग को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों में उस समय आक्रोश बढ़ गया, जब सामाजिक कार्यकर्ता व किसान नेता अमित भटनागर समेत 9 किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को जिले के कई गांवों से सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए और पन्ना एसपी कार्यालय का घेराव कर रात भर धरना दिया। इस आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है।
रुंझ व मझगांय डैम परियोजना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर काम शुरू कराने की कोशिश जारी है। शुक्रवार 8 मई की दोपहर जिले के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में किसान पुरुष व महिलायें पन्ना जिला मुख्यालय पहुंचे और एसपी कार्यालय का घेराव कर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान झाबुआ विधायक एवं किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार भी पन्ना पहुंचे और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
किसानों की मांग है कि अमित भटनागर सहित गिरफ्तार किसानों की गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट किया जाए तथा उन्हें रिहा किया जाए। एसपी से मुलाकात न होने पर महिलाएं, बुजुर्ग और युवा पूरी रात एसपी कार्यालय के बाहर डटे रहे। वहीं दूसरी ओर अजयगढ़ क्षेत्र में रुंझ और मझगांय डैम परियोजनाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। परियोजना स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात कर निर्माण कार्य शुरू कराने की कोशिश की जा रही है। अमित भटनागर के वकील ने पुलिस कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर किसानों को जेल भेजा गया है। हालांकि एसपी निवेदिता नायडू का कहना है कि परियोजना कार्य में बाधा पहुंचाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है।
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