- कृषि रथ के जरिए किसानों को मिलेगी महत्वपूर्ण जानकारी
- कलेक्टर ने सफल क्रियान्वयन हेतु ली अधिकारियों की बैठक
पन्ना। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में जारी निर्देशों के तहत कृषि सहित पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य पालन इत्यादि विषयों पर किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों से सतत संपर्क कर नवीन और वैज्ञानिक तकनीकी सुधार के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। इसके लिए जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।
पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने सहभागी विभागों की विभिन्न गतिविधियों तथा कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर कार्यालय के सभागार में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। 11 जनवरी से प्रत्येक विकासखण्ड में कृषि रथ द्वारा किसानों के बीच पहुंचकर प्रचार-प्रसार का कार्य आरंभ किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती परमार ने बैठक में कृषि प्रचार रथ के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कहा। किसानों कोे अनिवार्य रूप से फॉर्मर आईडी बनवाने एवं इसकी उपयोगिता के संबंध में जागरूक करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना पर फोकस कर किसानों को जागरूक एवं प्रेरित करने का सार्थक प्रयास किया जाए।
इस दौरान किसानों को फॉर्मर आईडी के जरिए उर्वरक वितरण की नवीन ई-टोकन व्यवस्था, संबंधित विभागों द्वारा पम्पलेट व अन्य प्रचार सामग्री के वितरण तथा फसल बीमा के संबंध में अवगत कराने सहित विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेलों में भी कृषि रथ के माध्यम से किसानों को आवश्यक जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि कृषि रथ द्वारा प्रत्येक दिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान किसानों को जरूरी वैज्ञानिक सलाह भी दी जाएगी। बैठक में फसल बीमा लाभ के लिए अवधि में 15 जनवरी तक बढ़ोत्तरी, सरसों फसल को भी भावांतर योजना में शामिल करने, ई-टोकन के जरिए किसानों को निर्धारित रकवा अनुसार खाद के वितरण सहित कार्यक्रम के लिए तकनीकी दल और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा हुई।
उप संचालक ओ.पी. तिवारी ने बताया कि प्रत्येक विकासखण्ड में एक माह तक निर्धारित रूट चार्ट अनुसार कृषि रथ का संचालन किया जाएगा। इसके माध्यम से जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के प्रचार-प्रसार सहित एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय सहित फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा पराली प्रबंधन जैसे विषयों के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। इसके लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय जिला स्तरीय तथा एसडीएम की अध्यक्षता में विकासखण्ड स्तरीय 14 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। बैठक में एसडीएम संजय कुमार नागवंशी सहित अतिरिक्त सीईओ अशोक चतुर्वेदी, उप संचालक पशुपालन डॉ. एन.के. गुप्ता एवं सहायक संचालक उद्यानिकी पी.के. श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

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