Sunday, November 1, 2026

पन्ना के नए कलेक्टर हर्ष सिंह की पहल से चिता आंदोलन हुआ स्थगित

  • अमित भटनागर बोले न्याय नहीं मिला तो फिर शुरू होगा संघर्ष, कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा - अब इसकी नौबत ही नहीं आएगी


पन्ना। मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास के सवाल पर पिछले 51 दिनों से चल रहा चिता आंदोलन रविवार को पन्ना के नए कलेक्टर हर्ष सिंह की पहल से स्थगित हो गया है। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए नवागत कलेक्टर हर्ष सिंह स्वयं पूरे प्रशासनिक अमले के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे और प्रभावितों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर हर्ष सिंह के साथ अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे, जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी, एसडीएम अजयगढ़ आलोक मार्को, एसडीओपी अजयगढ़ शिवचरण बोहित, थाना प्रभारी अजयगढ़ संतोष सिंह यादव, तहसीलदार अजयगढ़ सुरेंद्र कुमार अहिरवार तथा एसडीओ सिंचाई विभाग अजयगढ़ हजारी प्रसाद प्रजापति भी मौजूद रहे।

कलेक्टर और आंदोलन के नेतृत्वकर्ता जय किसान संगठन के नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के बीच पहले भी दो-तीन दौर की बातचीत हो चुकी थी। रविवार को कलेक्टर ने प्रभावित परिवारों की शिकायतों, मुआवजा वितरण में विसंगतियों, सर्वे और पुनर्वास संबंधी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी प्रभावित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जहां भी अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही या अनियमितता सामने आएगी, वहां जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अपात्र लोगों को गलत तरीके से मुआवजा दिए जाने की पुष्टि होने पर राशि की रिकवरी कराई जाएगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होगी।

आंदोलनकारियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरणों को लेकर भी कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पुलिस या प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। अमित भटनागर ने कलेक्टर के सामने स्पष्ट कहा कि प्रभावित परिवार वर्षों से अपने जल, जंगल, जमीन, मकान और आजीविका के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान लोगों ने विस्थापन की पीड़ा झेली, मकान टूटते देखे और न्याय की आवाज उठाने पर मुकदमों तथा पुलिस कार्रवाई का सामना किया।

अमित भटनागर ने कहा कि सरकार ने नए कलेक्टर को जिम्मेदारी देकर समाधान की पहल की है, इसलिए वे पुरानी घटनाओं को बातचीत के रास्ते में बाधा नहीं बनने देंगे। लेकिन यदि 15 दिनों के भीतर प्रशासन की नीयत या कार्रवाई में कोई कमी दिखाई देती है तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ईमानदारी और कानून के अनुसार समस्याओं का निराकरण करे, जय किसान संगठन और प्रभावित परिवार पूरा सहयोग देंगे।

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