Saturday, August 22, 2026

केन-बेतवा लिंक प्रभावित लोगों से राहुल गांधी की मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री तत्काल पहुंचे खजुराहो, अधिकारियों के साथ की बैठक

 


पन्ना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर तथा केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित लोगों की मुलाकात पिछले  दिनों दिल्ली में हुई थी। श्री गांधी ने उन्हें हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था।  सरकार द्वारा उनकी समस्याओं का निराकरण न किए जाने पर पन्ना-छतरपुर पहुंचने की बात की थी। राहुल गांधी के साथ प्रभावितों की हुई मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 अगस्त को खजुराहो पहुंचे तथा संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने लिंक परियोजना से संबंधित लोगों की समस्याओं का तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रभावित और विस्थापित परिवारों के हितों का पूरा ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता है।

घर-घर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की समस्याएं समझें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने पन्ना एवं छतरपुर जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में अधिकारी घर-घर पहुंचकर परिवारों की वास्तविक स्थिति और समस्याओं को समझें। विशेष रूप से आदिवासी परिवारों की कठिनाइयों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका प्राथमिकता से निराकरण कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित परिवारों को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाया जाए। जहां परिवारों ने नए स्थान पर निवास बना लिया है, वहां स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

रूँझ-मझगांव परियोजना के प्रभावितों को अतिरिक्त राशि का शीघ्र भुगतान

मुख्यमंत्री ने पन्ना की रूँझ-मझगांव परियोजना में स्वीकृत अतिरिक्त राशि का प्रभावितों को शीघ्र भुगतान कराने के निर्देश दिए। जिन प्रभावितों के पास उम्र संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनकी आयु का निर्धारण मेडिकल परीक्षण के आधार पर करने को कहा।

बैठक में प्रमुख सचिव जल संसाधन विभाग संदीप यादव ने परियोजना की प्रगति का प्रस्तुतिकरण दिया।  मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़े जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को परियोजना की उच्च प्राथमिकता के साथ गांव-गांव नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जन चौपाल और जागरूकता यात्राओं के माध्यम से लोगों को परियोजना से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जाए। मैदानी स्तर पर सकारात्मक गतिविधियां आयोजित कर लोगों की आशंकाओं और समस्याओं का समाधान किया जाए।

8.11 लाख हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता, 44 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा पेयजल

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश में लगभग 8.11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 44 लाख से अधिक लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत 103 मेगावाट जल विद्युत तथा 27 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी प्रस्तावित है। बुंदेलखंड एवं मध्य भारत के पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, सागर, विदिशा, रायसेन, शिवपुरी और दतिया जिलों के 1,382 गांवों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना केवल जल संसाधन विकास की योजना नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सम्मानजनक ढंग से हो और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। 

समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों में खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, पन्ना, छतरपुर, बिजावर, राजनगर विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव संदीप यादव, सचिव (मुख्यमंत्री) डॉ. सुदाम खाड़े, सागर कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, कलेक्टर छतरपुर मृणाल मीना, कलेक्टर पन्ना ऊषा परमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Thursday, August 20, 2026

पन्ना जिले में झमाझम बारिश से नदी नाले उफान पर, कई मार्गों में आवागमन ठप्प

 


पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने से कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। जिले की केन, पतने, मिढ़ासन व किलकिला नदी सहित नालों में उफान और तेज बहाव के कारण अलर्ट जारी किया गया है। शाहनगर, पवई, अजयगढ़ व रैपुरा क्षेत्र में हालात खराब हैं।

भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय पन्ना से मिली जानकारी अनुसार 19 अगस्त को वर्षामापी केन्द्र पन्ना में सर्वाधिक 114.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि देवेन्द्रनगर में 96.2 मिमी, गुनौर में 68.8 मिमी, अमानगंज में 42 मिमी, पवई में 84 मिमी, सिमरिया में 75.2 मिमी, शाहनगर में 48.4 मिमी, रैपुरा में 27.2 मिमी और अजयगढ़ में 72.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

कलेक्टर ऊषा परमार ने पन्ना जिले में निरंतर अत्यधिक वर्षा होने तथा भारी वर्षा का अलर्ट जारी होने के दृष्टिगत जिले के सभी शासकीय, निजी, अनुदान प्राप्त विद्यालयों सहित नवोदय विद्यालय तथा सीबीएससी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्यनरत कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए गुरूवार, 20 अगस्त को अवकाश घोषित किया है। 

विदित हो कि विभिन्न मार्गों पर वर्षा के पानी के भराव की स्थिति निर्मित होने के साथ विभिन्न नदी एवं नालों का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इस कारण जिला कलेक्टर द्वारा पूर्व में बुधवार को भी विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया था। अवकाश के कारण बाधित शैक्षणिक पाठ्यक्रम की पूर्ति अन्य कार्य दिवसों में अतिरिक्त कालखण्ड लगाकर की जाएगी। सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों को विद्यालयीन समय में उपस्थित रहकर कार्य संचालन के निर्देश दिए गए हैं।

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Saturday, August 15, 2026

पन्ना में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

  • प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मुख्य समारोह में किया ध्वजारोहण
  • स्कूली छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी आकर्षक प्रस्तुतियां


पन्ना। देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को जिले में भी हर्षाेल्लास एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन स्थानीय पुलिस परेड ग्राउण्ड में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसके पहले राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन भी हुआ। 

ध्वजारोहण के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री परमार ने खुली जिप्सी में कलेक्टर ऊषा परमार एवं पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के साथ परेड का निरीक्षण किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा उन्मुक्त गगन में गुब्बारे छोड़े गए। समारोह में परेड की विभिन्न टुकड़ियों द्वारा पुलिस बैण्ड की सुमधुर ध्वनि के बीच आकर्षक मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी हुआ। मुख्य अतिथि ने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परेड के साथ कई स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से पीटी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी दी गईं। सशस्त्र और गैर शस्त्र परेड का प्रदर्शन भी हुआ। अतिथियों द्वारा कार्यक्रम के समापन पर पुरस्कारों का वितरण किया गया। शासकीय दायित्वों के उत्कृष्ट निर्वहन पर विभिन्न शासकीय विभागों के लोकसेवक भी सम्मानित किए गए।


स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत वरिष्ठ वर्ग में शासकीय उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय पन्ना को प्रथम एवं शासकीय सांदीपनि मॉडल उ.मा. विद्यालय पन्ना को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि कनिष्ठ वर्ग में लिस्यू आनंद सीनियर सेकेण्डरी स्कूल को प्रथम, डायमण्ड पब्लिक स्कूल को द्वितीय और सरस्वती उ.मा. विद्यालय पन्ना को तृतीय स्थान हासिल हुआ। इस क्रम में सशस्त्र बल परेड वर्ग में एसएएफ 10वीं वाहिनी विसबल एवं जिला पुलिस बल को प्रथम, जिला पुलिस बल की पुरूष टुकड़ी को द्वितीय एवं होमगार्ड की टुकड़ी को तृतीय स्थान मिला। इसी तरह सीनियर प्लाटून निःशस्त्र वर्ग में वन विभाग उत्तर वन मंडल की टुकड़ी को प्रथम, छत्रसाल महाविद्यालय पन्ना की एनसीसी सीनियर टुकड़ी को द्वितीय और एनएसएस टुकड़ी को तृतीय स्थान हासिल हुआ। निःशस्त्र वर्ग में जूनियर प्लाटून अंतर्गत एनसीसी जूनियर विंग को प्रथम स्थान, स्काउट दल को द्वितीय और मनहर विद्यालय के गाइड दल को तृतीय स्थान हासिल हुआ। 

कार्यक्रम में सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक गुनौर डॉ. राजेश वर्मा, जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव, नपाध्यक्ष मीना पाण्डेय, नपा उपाध्यक्ष आशा गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवक, गणमान्य नागरिक और पत्रकारगण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रमोद अवस्थी एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक डॉ. कल्पना शर्मा द्वारा किया गया। जनसंपर्क विभाग के सौजन्य से कार्यक्रम में पहली बार पन्ना जिले की विकास पुस्तिका का वितरण भी किया गया।

रक्सेहा में बच्चों के साथ किया विशेष भोज

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सांसद विष्णु दत्त शर्मा एवं विधायक डॉ. राजेश वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारियों के साथ शासकीय पीएम श्री उ.मा. विद्यालय रक्सेहा में बच्चों के साथ विशेष भोज किया।  इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया गया। सांसद एवं प्रभारी मंत्री द्वारा छात्रावास में निवासरत बालिकाओं से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा कमियों को दूर कराने के संबंध में छात्रावास अधीक्षिका एवं विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। छात्राओं से शैक्षणिक एवं पाठ्येत्तर गतिविधियों की जानकारी ली और कक्षा 12वीं के उपरांत भी निरंतर बेहतर उच्च शिक्षा प्राप्त कर कैरियर निर्माण एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


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Tuesday, August 11, 2026

पन्ना में गरीब मजदूर को मिला 16.96 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा

 

पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में अखिलेश पाल हीरा दिखते हुए

पन्ना। बेशकीमती हीरों के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में आज एक गरीब मजदूर को सरकोहा गाँव की उथली हीरा खदान में 16.96 कैरेट वजन का बेशकीमती हीरा मिला है। जेम क्वालिटी वाले इस हीरे की अनुमानित कीमत लाखों में आंकी जा रही है। हीरा धारक अखिलेश पाल निवासी नारंगी बाग पन्ना आज सायं अपने परिवार व सहयोगियों के साथ जिला मुख्यालय में संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे का वजन करवाकर उसे विधिवत हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। 

हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरा धारक अखिलेश पाल ने हीरा कार्यालय से दो वर्ष पूर्व अपने खेत में पट्टा बनवाकर 6 अन्य साझेदारों के साथ खदान लगाई थी। खदान की खुदाई के दौरान इन्हे कोई हीरा नहीं मिला। खदान से निकला मलबा (चाल) वहीं पर पड़ा हुआ था। आज मंगलवार को बारिश होने के बाद अखिलेश पाल जब खदान में पहुंचा तो बारिश के पानी में धुलकर मलबे के ढ़ेर में उसे चमकता हुआ हीरा नजर आया। उसने उस चमकते पत्थर को उत्सुकता से उठाया और देखा तो पता चला कि यह कोई साधारण पत्थर नहीं अपितु कीमती हीरा है। इतना बड़ा बेशकीमती हीरा मिलने के बाद अखिलेश पाल अपने सहयोगियों के साथ हीरा कार्यालय पहुंचा और हीरे को विधिवत जमा कराया। हीरा मिलने की खबर से उसका परिवार बेहद खुश है, उनका कहना है कि अब तक हमने कठिन जिंदगी जी है, लेकिन हीरा मिलने से अब सारे कष्ट व परेशानी दूर हो जाएगी। 

हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि सरकोहा की निजी खदान में मिला जेम क्वालिटी का यह कीमती हीरा है, जिसकी बाजार में अच्छी डिमांड होती है। इस हीरे को आगामी हीरा नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा। अनुमानित कीमत पूंछे जाने पर आपने बताया कि यह 50 लाख रुपये से अधिक का होना चाहिए। जबकि जानकारों का कहना है कि इस नायाब हीरे की अनुमानित कीमत 80 लाख रुपये तक जा सकती है।

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Tuesday, August 4, 2026

बेहतरीन शिक्षक, प्रकृति प्रेमी व कर्मयोगी देवीदत्त चतुर्वेदी नहीं रहे !

 


जीवन के हर आयाम को गहराई से समझने वाले बेहतरीन शिक्षक देवीदत्त चतुर्वेदी अब हमारे बीच नहीं रहे। वे अपनी भौतिक काया में भले ही अब नजर नहीं आएंगे, लेकिन उनका तकरीबन 84 साल का अर्थपूर्ण जीवन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आपके रचनात्मक योगदान को पन्नावासी कभी भुला नहीं पाएंगे।

अनगिनत खूबियों से लबरेज श्री चतुर्वेदी जी ने शिक्षक के दायित्व को बड़ी खूबसूरती से निभाया। उनकी सरलता ऐसी थी कि वे बच्चों के साथ बच्चा बन जाते थे, यही वजह थी कि बच्चे उनके सानिध्य में बहुत ही सहज रहते थे। खेल-खेल में वे बच्चों को गूढ़ और जटिल विषय सुगमता से समझा देते थे। उनके इस कौशल व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

एक बेहतरीन शिक्षक होने के साथ आपके भीतर प्रकृति के प्रति गहरा जुड़ाव रहा है। यही वजह है कि अधिक उम्र होने के बावजूद भी वे प्रकृति के बीच जाने का कोई अवसर नहीं छोड़ते थे। प्रकृति से इसी अनुराग के चलते श्री चतुर्वेदी पन्ना टाइगर रिजर्व के तत्कालीन क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति के संपर्क में आये और अपने गुरु स्वर्गीय श्री अंबिका प्रसाद खरे के साथ मिलकर पन्ना नेचर कैंप में सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।

श्री मूर्ति कहते थे कि हवा, पानी व भोजन यह सब हमें जंगल से मिलता है, इसकी समझ नई पीढ़ी में आनी चाहिए ताकि वे जंगल को धरोहर की तरह संरक्षित करने के लिए प्रेरित हो सके। इसी सोच को मूर्त रूप देने की मंशा से वर्ष 2010 में पन्ना नेचर कैंप की शुरुआत हुई। इस नेचर कैंप के माध्यम से श्री अंबिका प्रसाद खरे व श्रीदेवीदत्त चतुर्वेदी जी ने प्रकृति की पाठशाला में बच्चों को प्रकृति प्रेम का पाठ पढ़ाया। इनके द्वारा शुरू हुई यह अभिनव पहल अनवरत जारी है। प्रकृति की इस पाठशाला में हजारों स्कूली बच्चों ने प्रकृति के विविध रूपों व उसके अनुपम सौंदर्य को न सिर्फ आत्मसात किया अपितु प्रकृति, पर्यावरण और वन्य जीवों की अहमियत को भी समझा।

पन्ना नेचर कैंप के मुख्य किरदार रहे दोनों शिक्षकों स्वर्गीय अंबिका प्रसाद खरे व देवीदत्त चतुर्वेदी जी को वर्ष 2017 में सेंचुरी एशिया से ग्रीन टीचर अवार्ड भी मिला, जिसके निश्चित ही वे हकदार थे। श्री चतुर्वेदी कहा करते थे कि प्रकृति के मूल्य पर विकास की अंधी दौड़ मनुष्यता के लिए खतरनाक है। बेहतर व सुकून से भरे जीवन के लिए प्रकृति का संरक्षण बेहद जरूरी है। उनकी यह देशना मौजूदा दौर में निश्चित ही विचारणीय है। शिक्षा, समाज, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के लिए श्री चतुर्वेदी जी का योगदान अतुलनीय है, जो अविस्मरणीय रहेगा। 

ऐसे कर्मयोगी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि!

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Monday, August 3, 2026

लम्बे जाम के कारण मड़ला घाटी क्षेत्र में भारी वाहनों पर प्रतिबंध

  •  जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई


पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित मड़ला घाटी राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर पन्ना टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आती है। यह खूबसूरत और वनों से आच्छादित घाटी अब आये दिन लगने वाले लम्बे जाम के चलते यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। इस घाटी पर अक्सर बाघों और अन्य वन्यजीवों के दीदार यहाँ से गुजरने वाले लोगों को हो जाते हैं जिससे यह चर्चा में रहती है। लेकिन यहाँ लगने वाले जाम के कारण लोग अब इस बेहद महत्वपूर्ण मार्ग से कतराने लगे हैं। 

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार द्वारा मड़ला घाटी क्षेत्र में वाहनों को लापरवाहीपूर्वक खड़ा कर देने एवं अन्य कारणों से लंबे जाम की स्थिति निर्मित होने की समस्या के निराकरण के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर जारी आदेश आगामी दो माह के लिए प्रभावशील रहेगा। आदेश में उल्लेखित शर्तों के उल्लंघन पर संबंधित वाहन स्वामी, ट्रांसपोर्टर एवं वाहन चालक के विरूद्ध बीएनएसएस की धारा 223 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

3 अगस्त 2026 से प्रभावशील आदेश में उल्लेखित है कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत अब मड़ला घाटी क्षेत्र में कोई भी भारी वाहन अन्य भारी वाहनों को ओवरटेक नहीं करेंगे। घाटी क्षेत्र में ओवरलोडिंग भारी वाहन पर पूर्णतः प्रतिबंध के साथ ही वाहन स्वामी एवं वाहन चालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन भी नहीं किया जाएगा। वाहन चालक को पर्याप्त ईंधन एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे व्हील, जैक, टूल किट आदि साथ रखना अनिवार्य होगा। 

घाटी क्षेत्र में वाहन खराब होने अथवा दुर्घटना की स्थिति में संबंधित वाहन स्वामी एवं चालक द्वारा तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना दी जाएगी। साथ ही क्रेन एवं मैकेनिक की भी तत्काल व्यवस्था करना अनिवार्य रहेगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया था कि प्रायः जाम के कारण आमजन को गंभीर असुविधा होती है तथा एम्बुलेंस, अग्निशमन और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों का आवागमन भी प्रभावित होता है।

सड़क मरम्मत के निर्देश

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा गत 29 जुलाई को कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग सागर को पत्र के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39, बमीठा-सतना मार्ग के वन क्षेत्र मड़ला घाटी में सड़क एवं शोल्डर मरम्मत कार्य के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा मड़ला घाटी क्षेत्र में भारी और अन्य वाहनों की आवाजाही के दौरान कई बार विभिन्न स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने से लंबे जाम लगने की स्थित निर्मित होने के बारे में अवगत कराया गया था।

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Sunday, August 2, 2026

पन्ना में बंदरों का आतंक, हमले में 13 वर्षीय बच्ची घायल

 


 

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना शहर में इन दिनों बंदरों का भारी आतंक है। सड़क मार्ग हो या घर बंदर हर कहीं उत्पात मचाते रहते हैं, जिससे हर समय खतरा बना रहता है। रविवार को आज एक 13 वर्षीय बच्ची के ऊपर अचानक बंदरों ने हमला कर दिया, जिससे बच्ची बुरी तरह से जख्मी हो गई है।

बंदरों के हमले की यह घटना पुराना पन्ना की है। यहां रहने वाली 13 वर्षीय देवकी कोंदर शौच के लिए गई थी, उसी समय बंदरों ने हमला कर दिया। बच्ची के पेट, सिर व हाथ में गहरे जख्म हैं। बच्ची की चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने बंदरों को भगाया। बुरी तरह से घायल व हमले से डरी सहमी बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। 

पुराना पन्ना के निवासियों का कहना है कि उत्पाती बन्दर अब तक दर्जनों लोगों को घायल कर चुके हैं। कमोबेश यही हाल शहर के इंद्रपुरी कॉलोनी व धाम मोहल्ला के भी हैं। बंदरों के डर से महिलाएं अकेले छत में नहीं जातीं, गमलों में लगे पेड़ पौधे भी इन बंदरों के निशाने पर रहते हैं। अचानक झुण्ड में बन्दर आते हैं और सब तहस-नहस कर चले जाते हैं। जानकारों का कहना है कि वनों की हो रही अधाधुंध कटाई के चलते इनका प्राकृतिक रहवास तेजी से उजड़ रहा है फलस्वरूप बंदरों ने आबादी क्षेत्र की ओर रुख कर लिया है। इन बंदरों की तादाद भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे संकट कम होने के बजाय दिनोंदिन और बढ़ता ही जा रहा है।   

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