पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण केन, मिढ़ासन, पतने व किलकिला नदियां जहाँ उफान पर हैं, वहीं सड़क मार्गों पर जल भराव होने से आवागमन भी बाधित हो रहा है। बीती रात व आज हुई तेज बारिश ने पन्ना शहर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पन्ना शहर का प्राचीन धर्म सागर तालाब लबालब हो गया और बेस्ट वियर से निकला पानी तेज बहाव के साथ शहर के निचले इलाकों में पहुंच रहा है। जिससे हालात इतने बिगड़ गए कि कई इलाकों में पहुँच पाना कठिन हो गया है। शहर में स्थित यूनियन बैंक के अंदर तक बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके चलते बैंक को बंद रखना पड़ा है। शहर के इंद्रपुरी, धाम मोहल्ला, रजा बाबू कालोनी व बड़ा बाजार सहित कई इलाकों में दुकानों और भवनों के ग्राउंड फ्लोर जलमग्न हो गए हैं।
पन्ना शहर के निकट से प्रवाहित होने वाली किलकिला नदी भी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। जलभराव के बीच कुछ लोगों के फंसे होने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते पानी और जारी बारिश के कारण लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और राहत-बचाव दलों के सामने अब प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर पानी भरने की सूचनाएं सामने आ रही हैं। बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है, जिससे आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
कलेक्टर ने निरीक्षण कर वर्षा जल भराव की स्थिति का लिया जायजा
पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने गुरुवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर वर्तमान में जारी अतिवर्षा के कारण जल भराव की स्थिति का जायजा लिया और किसी भी आपात स्थिति पर आवश्यक राहत और बचाव कार्य के संबंध में त्वरित रूप से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भमण के दौरान जिला कलेक्टर द्वारा स्थानीय रहवासियों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ सड़क, पुल पुलिया, सार्वजनिक स्थल एवं नदी व तालाब क्षेत्र की स्थिति देखी। इस दौरान राहत व बचाव टीम को सतर्कता एवं समन्वय के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिवस में किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति में प्राथमिकता के साथ आपदा प्रबंधन कार्य संपादित किया जाए। जन हानि और पशु हानि सहित अन्य किसी भी नुकसान को रोकना पहली प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम और विभागीय अधिकारियों से आवश्यक चर्चा कर सतत् मॉनिटरिंग और पूरी गंभीरता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के लिए निर्देशित भी किया। साथ ही बाढ़ आपदा जैसी स्थिति में महत्वपूर्ण सूचना वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करने सहित कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर पर भी अवगत कराने के लिए कहा। उन्होंने एसडीईआरएफ और अन्य राहत बचाव टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ सदैव मुस्तैद रहने की नसीहत भी दी।
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