Wednesday, September 30, 2026

दमन से नहीं रुकेगा आंदोलन, जेल में भी जारी रहेगा : अमित भटनागर

 


पन्ना। न्याय और अपने हक़ के लिए शांति पूर्ण तरीके से आवाज उठाना क्या अब सचमुच गुनाह हो गया है ? मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित आदिवासियों और किसानों के चल रहे आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस बल को जिस तरह से उतारा गया और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों को गिरफ्तार किया गया, उसे देखकर तो यही प्रतीत होता है कि मौजूदा दौर में अपने हक़ और न्याय की आवाज उठाना नासमझी है। यह नासमझी मझगांय बांध के प्रभावितों ने की है। यही वजह है कि उन्हें पुलिस की प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।  

उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में मझगांय बांध के प्रभावितों का पिछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से आंदोलन चल रहा है। प्रभावितों की मांगों पर सहृदयता पूर्वक विचार करने के बजाय प्रशासन ने जिस तरह से पुलिस बल के जरिए आंदोलन को जबरन ख़त्म करने का रास्ता अख्तियार किया है, उससे जनाक्रोश और बढ़ता जा रहा है। बताया तो यह भी जा रहा है कि आंदोलन को कुचलने के लिए बीते 28 सितम्बर को पुलिस बल के साथ सिविल ड्रेस में  कुछ लठैत भी शामिल थे। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक दल भी आंदोलनकारियों के समर्थन में सक्रिय हो गए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने तो बकायदा पुलिस अधीक्षक पन्ना को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि चिता आंदोलन के दौरान ग्रामीणों एवं आंदोलनकारियों के साथ हुई मारपीट एवं पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

इधर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने आज सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा है कि पन्ना जिले में अपने हक अधिकार उचित मुआवजा, पुर्नवास और पर्यावरण की रक्षा के लिए चिता आंदोलन कर रहे महिलाओं सहित सत्याग्रहियों पर भाजपा सरकार में पुलिस और गुंडों की दम पर लगातार 3 दिन से जिस तरह से लाठीचार्ज, अभद्रता और अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है, यह लोकतंत्र की हत्या है। मैं इसके खिलाफ अपने साथियों के साथ गिरफ्तारी की घोषणा करता हूं। दमन से नहीं रुकेगा आंदोलन, जेल में भी जारी रहेगा आमरण अनशन। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सिर्फ इनके साथ अन्याय नहीं ये लोकतंत्र की हत्या है, इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन होना चाहिए।

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