Saturday, February 16, 2019

जवानों पर हुये कायराना हमले को लेकर युवाओं में आक्रोश

  •   पन्ना में ब्लाक कांग्रेस ने आयोजित की शोक सभा
  •   शहीद स्मारक पर मोमबत्ती जलाकर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजली
  •   युवाओं ने पाकिस्तान व आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाकर जताया विरोध




पन्ना। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआईएसएफ के 2500 जवानों का काफिला गुजर रहा था तभी घात लगाये बैठे आतंकी ने विस्फोटक से भरी कार बस से टकरा दी जिससे बस में सवार 40 जवान शहीद हो गये। गुरूवार को पुलवामा में हुये आतंकवादी हमले से पूरा देश दुखी है और इस हमले की घोर निंदा कर विरोध कर रहा है। वीर जवानों के शहीद होने पर आज ब्लाक कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा शोकसभा का आयोजन छत्रसाल पार्क के शहीद स्मारक में किया गया। जहां पर ब्लाक कांग्रेस के सैकडों कार्यकर्ता आम जन उपस्थित रहे। घटना से गुस्साये कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाते हुये अपना विरोध जताया। वहीं शहीद हुये वीर जवानों की याद में मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजली अर्पित की। इस दौरान ब्लाक कांग्रेस के अध्यक्ष अनीस खान ने कहा कि यह हमला हिन्दुस्तान की आत्मा पर चोट है। आतंकी इस अमानवीय घटना को अंजाम देकर सोचते होंगे कि वह हिन्दुस्तान को हिला कर रख देंगे यह उनकी बहुत बडी भूल है। भारत माता का एक-एक नागरिक आतंकी हमले को भूलता नहीं है इस मामले में हम सरकार व सेना के साथ पूरी तरह से खडे हैं। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिवजीत सिंह ने कहा कि इस हमले से पूरा देश दुखी है और शहीद हुये वीर जवानों के परिवारों के साथ उनके इस दुख की घडी में साथ खडे हैं। इस शोकसभा में बृजमोहन यादव, रसीद सौदागर, पुरूषोत्तम जडिया, दीपक तिवारी, बालकिशोर शर्मा, मान सिंह, राकेश शर्मा, श्रीमती गीता वंशकार, मुन्नी लाल वंशकार, अशोक अहिरवार, डमरू लाल सेन, राम गोपाल शिवहरे, अयूब खान, संत कुमार यादव, सुरेन्द्र सेन, लोकेन्द्र यादव, डॉ कदीर मोहम्मद, इरसाद मोहम्मद, रवि कुशवाहा, रियासत मोहम्मद, आलोक शर्मा, अनीस पिंकू सिद्धीकी, रमेश महाजन, भोलू मिश्रा, राजा तिवारी, सौरभ पटेरिया, अमित शर्मा, सरदार सिंह यादव, ज्योति रमण दीक्षित, श्रीकृष्ण सिगोकार, इदू खान, इलयास मिस्टर राईन, रईस बेग, सुरेन्द्र सेन, मनोज सेन, रमेश लंगोटे, गुली कुशवाहा, पवन खरे, निक्की खान, रामशरण यादव, हबीब मोहम्मद, छोटू खान, अकरम खान, राजाराम जडिया, निजाम खान, स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, फैज मोहम्मद, फईयाज मोहम्मद, अक्षय जैन, मकबूल खान, काशी यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने वीर शहीदों को श्रद्धाजंलि दी।

युवक कांग्रेस ने पाकिस्तान का फूंका पुतला




जम्मू काश्मीर राज्य मार्ग स्थित पुलवामा के अबंतीपुर इलाके में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को ले जा रही बस को आतंकवादियों की बारूद से भरी कार को टक्कर मार देने से हुये बारूदी विस्फोट से 40 से भी अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गये। दिल दहला देने वाली आतंकी घटना को लेकर पूरे देश भर में लोगों का गुस्सा आतंकवादियों एवं पाकिस्तान को लेकर फूट रहा है। आतंकी हमले में 40 से अधिक जवानों के शहीद हो जाने की घटना से दुखित युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा आज जिला मुख्यालय पन्ना स्थित गांधी चौंक में सायं करीब 4 बजे विरोध प्रदर्शन करते हुये पाकिस्तान और आतंकबाद का पुतला फूंका गया। जिला युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस के नेता तथा वरिष्ठ कांग्रेस जन गांधी चौंक में एकत्रित हुये तथा आतंकी हमले को कायराना हमला बताते हुये पाकिस्तान मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाये गये तथा हमले का बदला लेने के लिये पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाने की बात कही गई। आक्रोशित युवा इंकाईयों द्वारा मिट्टी तेल डालकर पाकिस्तान के पुतले में आग लगा कर जला दिया गया। आक्रोशित युवाओं का कहना था कि अब पाकिस्तान से बात नही होनी चाहिये बल्कि जवान शहीदों की शहादत का बदला लेने के लिये आतंकवादियों तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों को नेस्तानाबूद करना चाहिये। आयोजित विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन में पन्ना विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे शिवजीत सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनीष खान, सौरभ पटैरिया, रवती रमन दीक्षित, स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, राजाभैया तिवारी, अमित शर्मा, अनीष पिंकू सिद्दीकी, इरशाद खान, सूर्य प्रकाश वर्मा, अनुराग मिश्रा, जुबेर खान, अकरम, संतोष, मानवेन्द्र, सतेन्द्र मिश्रा, भूपतलाल सेन, आशीष साहू, अलोक शर्मा, सरदार ङ्क्षसह यादव, उमेश रैकवार, अमित सेनी, रवि प्रजापति, रमानुज मिश्रा, छोटू त्रिपाठी, रियासत खान, जयप्रकाश लखेरा, गौरव प्रताप सिंह , कदीर खान, अभय जैन, आकाश पाराशर सहित अन्य युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अजयगढ़ में जलाया गया आतंकवाद का पुतला




जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ  जवानों पर हुये आतंकी हमले में शहीद हुये जवानों को श्रद्धांजली देते हुये आतंकवाद के पुतले का दहन किया गया। अजयगढ जयस्तंभ चौक पर एनएसयूआई एवं सिंधिया फैन्स क्लब द्वारा आतंकवाद का पुतला दहन किया साथ ही आतंकवाद के खिलाफ एवं पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये तथा हमले में शहीद हुये जवानों को श्रद्धांजली अर्पित की। उक्त  हमले में लगभग 40 से अधिक जवान शहीद हो गये और कई जवान घायल भी हुये हैं। आतंकवाद का पुतला दहन करने में आकाश जाटव, उत्कर्ष पिडिया, चन्द्र प्रकाश सेन, आषीश जडिय़ा, प्रबल चौबे, दीपक अहिरवार, अब्दुल नसीब, गोलू यादव, भानू महेन्द्र यादव, राजकुमार प्रजापति, अनुपम प्रजापति, अंकित आरख, अंकित तिवारी, प्रमोद अहिरवार, राजाबाबू, विनोद, रामबाबू, हीरालाल, संतोष आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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Tuesday, February 12, 2019

अवैध खदानों से उजड़ रहा जंगल

  • मनोरम स्थल  वृहस्पति कुण्ड उत्खनन से  हुआ वीरान 
  • अधाधुंध कटाई से पर्यावरण को हो रहा भारी नुकसान 




अरुण सिंह, पन्ना। जिला मुख्यालय पन्ना से लगभग 40 किमी दूर पहाड़ीखेरा के निकट स्थित प्राकृतिक मनोरम स्थल बृहस्पति कुण्ड वीरान हो रहा है। रत्नगर्भा बाघिन नदी इसी कुण्ड पर गिरती हैए फलस्वरूप इस नदी के प्रवाह क्षेत्र में कई किमीण् की लम्बाई में बेशकीमती हीरे निकलते हैं। इन्हीं हीरों की खोज में यहां पर सैकडों की संख्या में अवैध हीरा की खदानें चल रही हैंए जिससे इलाके का जंगल उजड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस गहरे कुण्ड में अनेकों प्राचीन गुफायें भी स्थित हैं। बताया जाता है कि इन गुफाओं के भीतर ऋषि मुनि तपस्या में लीन रहा करते थे। बृहस्पति कुण्ड के पास विद्यमान आश्रम भी इंगित करता है कि किसी समय यह इलाका प्राकृतिक सुन्दरता के साथ . साथ धार्मिक आस्था का केन्द्र भी रहा है। मकर संक्रान्ति के अवसर पर इस स्थल में एक विशाल मेला भी भरता है। लेकिन अवैध उत्खनन व जंगल की हो रही अधाधुंध कटाई से इस पुरातात्विक महत्व वाले मनोरम स्थल की रौनक गायब हो रही है। जानकारों का कहना है कि बृहस्पति कुण्ड के जंगल में दुर्लभ किस्म की आयुर्वेेदिक जड़ी . बूटियां प्राकृतिक रूप में प्रचुरता से पाई जाती हैं। इन जड़ी . बूटियों की खोज में आयुर्वेद के ज्ञाता व वैद्य यहां दूर . दूर से आते हैं।
प्रकृति व पर्यावरण के संरक्षण में रूचि रखने वाले लोग इस अनूठे कुण्ड की दुर्दशा को देख आहत हैं। उनका कहना है कि यदि इस स्थल के संरक्षण हेतु प्रभावी कदम न उठाये गये तो आने वाले कुछ वर्षों में यह पूरा इलाका वीरान हो जायेगा। वृहस्पति कुण्ड के आसपास पाई जाने वाली जड़ी . बूटियां भी जंगल की अधाधुंध कटाई व उत्खनन से विलुप्त हो जायेंगी। इस संबंध में जब खनिज विभाग से पूंछा जाता है तो उनका साफ कहना रहता है कि बृहस्पति कुण्ड के जंगल में पट्टे की हीरा खदानें नहीं चलतीं। इस क्षेत्र में जो भी खदानें चलती हैं वे अवैध हैंए लेकिन वन क्षेत्र होने के कारण इस संबंध में हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकतेण् जिले के वन अधिकारियों का कहना होता है कि यह पूरा इलाका जहां हीरा की खदानें चलती हैं वह सतना जिले में आता है। इस विचित्र भौगोलिक स्थिति के कारण यहां धड़ल्ले से अवैध खदानें चलती हैं और कोई कुछ कहने वाला नहीं है।

जंगलों का तेजी से हो रहा सफाया


जिले में जंगलों का तेजी से सफाया हो रहा है अवैध वन कटाई पर प्रभावी अंकुश न लग पाने के कारण घने जंगल मैदान में तब्दील हो रहे हैं। वन विभाग के आला अधिकारी निहित स्वार्थों के चलते वन माफियाओं पर नकेल कसने से जहां कतरा रहे हैं वहीं विभाग का मैदानी अमला भी महज खानापूर्ति कर रहा है। नतीजतन जिले का बेशकीमती जंगल नष्ट हो रहा हैण् जंगल की अवैध कटाई सबसे ज्यादा उत्तर वन मण्डल क्षेत्र में होती हैण् जलाऊ लकड़ी के नाम पर प्रतिदिन सैकडों गट्ठा लकड़ी जंगल से जहां आती है वहीं इसकी आड़ में सागौन की सिल्लियों का भी परिवहन होता है। वन नाके वसूली नाके में तब्दील हो गये हैं जिससे अवैध कटाई धड़ल्ले से जारी है। यदि वन कटाई पर अंकुश नहीं लगा तो कुछ सालों में जंगल के दर्शन दुर्लभ हो जायेंगे।
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Monday, February 11, 2019

विकास व जन सुविधाओं की अनदेखी ठीक नहीं: बृजेंद्र सिंह

  •  पन्ना विधायक ने कृषि व इंजीनियरिंग महाविद्यालय बावत कहा, करेंगे संघर्ष 
  •  चिकित्सकों की कमी,पेयजल व  भू-अर्जन के संबंध में उठाये सवाल


बृजेन्द्र प्रताप सिंह  विधायक पन्ना। 
अरुण सिंह,पन्ना। प्रदेश सरकार द्वारा यदि विकास और जन सुविधाओं की अनदेखी की गई तो हम शांत नहीं बैठेंगे, अपना हक लेने के लिये पन्ना से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेंगे। यह बात पन्ना विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजेंद्र प्रताप ङ्क्षसह ने कही। उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री के इस कथन पर आश्चर्य जताया कि उन्हें पूर्व सरकार की घोषणाओं से कोई मतलब नहीं है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान द्वारा पन्ना जिले के विकास और जन सुविधाओं के विस्तार हेतु जो घोषणायें की गई थी, उन्हें हर हाल में पूरा कराया जायेगा। पन्ना विधायक ने कहा कि विकास व जनकल्याण के मामलों में राजनीति उचित नहीं, सरकार किसी भी दल की हो जनहित को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
उल्लेखनीय है कि भाजपा सरकार में कृषि व पर्यटन मंत्री रह चुके बृजेंद्र प्रताप सिंह मौजूदा समय पन्ना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं । पवई क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुये आपने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सड़कों का निर्माण तथा पर्यटन विकास के मामले में उल्लेखनीय कार्य कराये हैं, यही वजह है कि इस बार पन्ना विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिलने पर जनता ने उन्हें  रिकॉर्ड मतों से जिताया है ताकि उपेक्षा का दंश झेल रहा यह क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर हो सके। पन्ना विधायक श्री सिंह का कहना है कि शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन विकास के लिये यहां हर संभव प्रयास किये जायेंगे। क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च तकनीकी शिक्षा पन्ना में ही हासिल हो इसी बात को दृष्टिगत रखते हुये पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी ने यहां कृषि महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज खुलवाने की घोषणा की थी ताकि पन्ना जिले के युवकों को उच्च शिक्षा के लिये बाहर न जाना पड़े। जनहित से जुड़ी इस घोषणा को मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा पूरा करना चाहिये जिससे पन्ना के लोगों को इसका लाभ मिल सके। विधायक श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने पन्ना में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खुलवाने के संबंध में विधानसभा में सवाल लगाकर यह जानना चाहा है कि पन्ना में इंजीनियरिंग कॉलेज कब से प्रारंभ होगा तथा शैक्षणिक सत्र किस शिक्षा सत्र से शुरू होगा। इसके अलावा पन्ना विधानसभा क्षेत्र में राम वन गमन क्षेत्रों को पर्यटन के माध्यम से विकसित कराने की योजना की भी जानकारी मांगी है ।जिला चिकित्सालय सहित विधानसभा क्षेत्र के चिकित्सालयों में चिकित्सकों की कमी तथा पन्ना में विशेषज्ञ चिकित्सकों की स्थापना के संबंध में भी सवाल किये गये हैं।

स्वीकृत नल जल योजनायें पूरी की जायें

विधानसभा क्षेत्र पन्ना में अनेकों ऐसी नल जल योजनायें हैं जो स्वीकृति के बावजूद भी पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसी कितनी नल जल योजनायें हैं जिनका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ, इस संबंध में भी सवाल किया गया है। अजयगढ़ क्षेत्र में जल निगम द्वारा निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल योजना में कितने गांव लाभान्वित होंगे, योजना की लागत राशि, पूर्ण होने का वर्ष तथा अब तक की कार्य प्रगति की जानकारी भी चाही गई है। पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह  ने बताया कि ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के दौरान सीसी व डामरीकृत रोडों को भी खोद डाला गया है जिनका सुधार कार्य नहीं कराया गया। इस ओर भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया है ताकि उखड़ी हुई सड़कों का सुधार कार्य यथा शीघ्र कराया जाये।
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Sunday, February 10, 2019

अंतर्राज्यीय शातिर चोर गिरोह का हुआ खुलासा



  •   बच्चों व महिलाओं के जरिये बैंकों व शादी समारोहों में कराते थे वारदात
  •   मामले में नाबालिग सहित 5 आरोपियों को पन्ना पुलिस ने किया गिरफ्तार


अंतर्राज्यीय  गिरोह की जानकारी देते पुलिस अधीक्षक, पीछे खड़े आरोपी व पुलिस बल। आरोपियों से जब्त हुई कार।

 अरुण सिंह,पन्ना। नाबालिग बच्चों और महिलाओं के माध्यम से बैंकों व शादी समारोहों से नोटों और गहनों से भरे बैग बड़े ही शातिराना तरीके से चोरी करवाने वाले एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पन्ना पुलिस ने आज खुलासा किया है। बीते माह 24 दिसम्बर 2018 को शहर के सबसे बड़े बैंक से दिनदहाड़े भीड़ के बीच से एक 15 वर्षीय बालक ने विद्युत मण्डल के कैशियर का नोटों से भरा बैग पार कर दिया था। लम्बी खोजबीन और विवेचना के उपरान्त पन्ना पुलिस को इस सनसनीखेज मामले में सफलता मिली, फलस्वरूप इस अंतर्राज्यीय शातिर चोर गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले में लिप्त नाबालिग सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो 315 बोर के देशी कट्टा, 4 जिन्दा कारतूस, 2 लाख 3 हजार रू. नगद, 6 मोबाइल एवं बिना नम्बर वाली सफेद रंग की आई-20 कार जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह ने इस सनसनीखेज मामले की जानकारी देते हुये बताया कि विद्युत मण्डल पन्ना का कैशियर मुईनुद्दीन सिद्दीकी 24 दिसम्बर 2018 को बिजली बिलों की जमा हुई राशि बैंक में जमा करने हेतु स्टेट बैंक पन्ना की मुख्य शाखा में गया था। कैशियर एक बैग में 6 लाख 95 हजार 828 रू. रखे हुये था। बैंक के रोकड़ शाखा में लम्बी कतार व भीड़ अधिक होने के कारण कैशियर पीछे रखी एक टेबल में नोटों से भरा बैग रखकर भीड़ कम होने का इंतजार कर रहा था, इसी दौरान नोटों से भरा यह बैग अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इतनी बड़ी राशि बैंक के भीतर से इस तरह चोरी होने की खबर होते ही हड़कम्प मच गया। बिना देरी किये विद्युत मण्डल के कैशियर ने तुरन्त थाना कोतवाली पन्ना में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर थाना पुलिस ने अपराध क्र. 803/18 धारा 308 भादंवि कायम करते हुये मामले को विवेचना में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक पन्ना विवेक सिंह द्वारा अज्ञात आरोपियों की पहचान व तलाश हेतु टीम गठित कर निरीक्षक कोतवाली अरविन्द कुजुर को निर्देशित किया गया।

बैंक व शहर के सीसीटीव्ही कैमरों से मिला सुराग

चोरी की इस बेहद सनसनीखेज मामले की तहकीकात में सक्रिय हुई पुलिस टीम व नगर निरीक्षक द्वारा जब स्टेट बैंक के अंदर लगे सीसीटीव्ही के कैमरों के फुटेज को खंगाला गया तो फुटेज में एक बालक बैंक के भीतर नोटों से भरा बैग उठाते हुये दिखाई दिया। यह बालक पीली टी-शर्ट पहने हुये था तथा फुटेज से बालक की पहचान नहीं हो पा रही थी। ऐसी स्थिति में शहर में जगह-जगह लगे सीसीटीव्ही कैमरों के माध्यम से भी खोजबीन की गई तो यह पता चला कि उक्त बालक नोटों से भरा बैग लेकर अपने तीन अन्य साथियों के साथ कार एमपी-04सीटी-2549 में बैठकर कटनी-दमोह की ओर गये हैं। कार के संबंध में टोल टैक्स नाकों से जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि उक्त कार रमेश पिता मांगी लाल रूहेला 50 वर्ष निवासी पिपलिया रसोदा, थाना बोड़ा जिला राजगढ़ की है।

गिरोह ने प्रदेश के कई जिलों व अन्य राज्यों में भी की है वारदात

गिरोह के कब्जे से बरामद नगदी,मोबाईल  व हथियार।
इस शातिर और अत्यधिक खतरनाक गिरोह ने चोरी की सनसनीखेज वारदात सिर्फ पन्ना जिलेभर में नहीं की अपितु इस गिरोह ने इसके पूर्व सागर, छतरपुर, सीधी, सतना, दमोह व जबलपुर सहित अन्य कई राज्यों व जिलों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक पन्ना ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य कई गंभीर मामलों का भी खुलासा हो सकता है। इनकी गिरफ्तारी के संबंध में बताया गया कि 8 फरवरी 19 को मुखबिर द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली पन्ना को उक्त हुलिया के आरोपियों बावत जानकारी दी गई और यह बताया गया कि ये संदिग्ध आरोपी बांदा से पन्ना की तरफ सफेद रंग की नई आई-20 कार जो बिना नम्बर की है, उससे आ रहे हैं। इस महत्वपूर्ण सूचना के मिलने पर तुरन्त पुलिस टीम को गाड़ी को पकडऩे हेतु रवाना किया गया। दहलान चौकी तिराहे के पास जैसे ही यह संदिग्ध कार दिखी, पुलिस टीम ने उसे रोक लिया, गाड़ी में कुल 5 लोग सवार थे जिनमें वह नाबालिग बच्चा भी था जिसने बैंक से नोट वाला बैग पार किया था।

पेशेवर सांसी गिरोह के सदस्य हैं आरोपी

विभिन्न जिलों व प्रान्तों में जाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले ये आरोपी सांसी गिरोह के सदस्य हैं। पुलिस अधीक्षक विवेक ङ्क्षसह ने बताया कि राजगढ़ जिले के ग्राम कडिय़ा में सांसी जनजाति के लोग रहते हैं, जो मूलत: अपराधिक प्रवृत्ति के हैं। कई प्रान्तों की पुलिस आरोपियों को पकडऩे के लिये इस गाँव में पहुँचती है, ये लोग इतने खतरनाक हैं कि पुलिस पर भी हमला बोल देते हैं। पन्ना पुलिस ने इस शातिर गिरोह के जिन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उनमें गौरव पिता गोविन्द सिसौदिया 19 वर्ष, सूरज पिता जमुना सिसौदिया 35 वर्ष निवासी ग्राम कडिय़ा थाना बोड़ा जिला राजगढ़ तथा सुमित सिंह पिता रमेश चन्द्र कौडान निवासी समशाबाद जिला आगरा उ.प्र., रमेश पिता मांगी लाल रूहेला 50 वर्ष निवासी पिपलिया रसोदा थाना बोड़ा जिला राजगढ़ के हैं। इनके साथ नाबालिग भी था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस बालक ने नोटों से भरा बैग चोरी करना कबूल किया है। पुलिस ने मामले में धारा 25, 27 आर्म्स  एक्ट का इजाफा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी में इनकी रही सराहनीय भूमिका

उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविन्द कुजूर, उनि एम.डी. शाहिद खान, सुशील शुक्ला, सूबेदार नेहा चौहान, उनि. अंजली उदैनिया, प्र.आर. सुरेन्द्र तिवारी, प्र.आर. रामकृष्ण पाण्डेय, शिवेन्द्र सिंह, आर. नीरज रैकवार, आशुतोष तिवारी, राहुल सिंह , आशीष अवस्थी, धर्मेन्द्र सिंह, तेजेन्द्र, वीरेन्द्र, रामपाल, सरवेन्द्र, वृषकेतु, नीलेश, दीपप्रकाश, बृह्मदत्त, राजीव एवं सीसीटीव्ही कण्ट्रोल पन्ना व सायबर सेल पन्ना का विशेष योगदान रहा। उक्त टीम को पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा पुरूस्कृत करने की घोषणा की गई है।
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Friday, February 8, 2019

राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वनराज का बसेरा

  •   मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को आये दिन हो रहे दर्शन
  •   मड़ला के निकट स्थित संभुआ नाला बना आकर्षण का केन्द्र


राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित जंगल में अपना बसेरा बनाने वाला बाघ। 

अरुण सिंह,पन्ना। जंगल में स्वच्छन्द रूप से विचरण करते या फिर शाही अंदाज में आराम फरमाते हुये वनराज को देखना किसी के लिये भी रोमांचक अनुभव होता है। इस रोमांच की अनुभूति के लिये लोग हजारों रू. खर्च कर सैकड़ों किमी दूर से बाघ अभ्यारण्यों की सैर करते हैं ताकि उन्हें वनराज की झलक मिल जाये। इतनी मशक्कत करने के बादभी यह जरूरी नहीं है कि अभ्यारण्यों के खुले जंगल में हर किसी को बाघ के दर्शन हो ही जायें। ज्यादातर लोगों को तो निराशा ही हाँथ लगती है और उन्हें दूसरे वन्यजीवों का दीदार करके ही संतोष करना पड़ता है। लेकिन पन्नावासियों के लिये बाघ दर्शन अब सहज और स्वाभाविक हो चुका है। यहां सड़क मार्ग से गुजरते हुये कब और कहां से वनराज प्रकट हो जायें कुछ कहा नहीं जा सकता। पन्ना टाईगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 के किनारे जंगल में तो एक नर बाघ ने अपना बसेरा ही बना लिया है। ऐसी स्थिति में इस बाघ के सड़क मार्ग से ही आये दिन दर्शन हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व के मड़ला प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर स्थित संभुआ नाला इन दिनों राहगीरों सहित पर्यटकों के भी आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। इसी नाले के आस-पास जंगल में यह बाघ पिछले कुछ दिनों से डेरा डाले हुये है। सड़क मार्ग के दोनों तरफ जंगल है, इसलिये जब भी मौज होती है वनराज  चहल कदमी करते हुये सड़क पार कर इस तरफ से उस तरफ आते-जाते रहते हैं। यह अद्भुत और रोमांचकारी नजारा स्थानीय लोग तो आये दिन देखते ही हैं, यहां से गुजरने वाले यात्रियों को भी बाघ दर्शन के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह स्थिति सिर्फ पन्ना-छतरपुर नेशनल हाईवे भर में नहीं है, अपितु पन्ना-अमानगंज स्टेट हाईवे में भी यदा-कदा बाघ सड़क मार्ग पर ही चहल कदमी करते दिख जाते हैं। इस मार्ग में तो कभी-कभी पूरा बाघ परिवार ही निकल पड़ता है, फलस्वरूप सड़क मार्ग के दोनों तरफ आवागमन थम जाता है और लोग वाहनों के भीतर से ही बाघों का दीदार कर रोमांच का अनुभव करते हैं।
मड़ला के ग्रामीणों तथा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने अचानक से प्रकट हुये इस अजनबी बाघ का नामकरण तक कर दिया है। इस वयस्क नर बाघ की एक आँख में सफेद धब्बा सा दिखाई देता है, इसीलिये इसे लोग किसी फिल्मी किरदार का नाम देते हुये विट्ठल  कार्णया कहकर पुकारते हैं। इस वयस्क बाघ ने बीते डेढ़-दो सप्ताह के दौरान एक बैल सहित वन्यजीवों का शिकार भी किया है और इसी इलाके में रमा हुआ है। यह बाघ टाईगर रिजर्व के बेहद सुरक्षित और सुकून वाले कोर क्षेत्र के भीतरी हिस्से से इतर सड़क मार्ग से लगे वन क्षेत्र को अपना बसेरा क्यों बनाया, यह अध्ययन का विषय है। लेकिन यह बाघ जनमानस व पर्यटकों के बीच चर्चा का विषय जरूर बन गया है।

बाघिन पी-213 की संतान है यह बाघ

ग्रामवासियों और पर्यटकों द्वारा जिस बाघ को अजनबी बताकर उसका नामकरण कर दिया गया है, दरअसल वह अजनबी नहीं अपितु पन्ना टाईगर रिजर्व में ही जन्मा बाघ है। यह बाघिन पी-213 के तीसरे लिटर की पहली संतान है। क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक विगत 1 वर्ष पूर्व यह नर बाघ कोर क्षेत्र से बाहर निकल गया था। पूरे 1 साल बाद यह फिर वापस लौटा है और मड़ला के आस-पास विशेषकर संभुआ नाला से लगे जंगल को अपना नया बसेरा बना लिया है। इस बाघ की माँ पी-213 भी पन्ना में ही जन्मी है जो संस्थापक बाघिन टी-2 की संतान है। पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बसाने में बाघिन टी-2 तथा इसकी बेटी पी-213 का अहम योगदान है।

अब तक 77 शावकों का हो चुका है जन्म

वर्ष 2009 में पन्ना टाईगर रिजर्व के बाघ विहीन घोषित होने पर इसी वर्ष यहां पर बाघ पुनस्र्थापना योजना शुरू की गई। पन्ना में बाघों की नई दुनिया बसाने के लिये बांधवगढ़ व कान्हा से बाघिन तथा पेंच टाईगर रिजर्व से नर बाघ लाया गया था। उस समय आर. श्रीनिवास मूॢत व उनकी टीम ने पन्ना में बाघों का संसार बसाने के लिये अथक श्रम किया, फलस्वरूप बाघ पुनस्र्थापना योजना का शानदार और चमत्कारिक सफलता मिली। बीते 9 वर्षों में यहां संस्थापक बाघिनों व उनकी संतानों द्वारा 77 शावकों को जन्म दिया जा चुका है। पन्ना में जन्मे बाघ केन से लेकर सोन तक विचरण कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा समय पन्ना टाईगर रिजर्व में कुल 47 बाघ हैं जिनमें 27 वयस्क व 20 अवयस्क बाघ हैं। इन बाघों में 15 नर व 14 मादा बाघ हैं जबकि 18 बाघ शावकों के लिंग की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
इस बाघ की दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर 

Thursday, February 7, 2019

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु होगी पहल

  •   स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. चौधरी ने प्रेसवार्ता में बताई प्राथमिकतायें
  •   समूचे प्रदेश में शिक्षा की बेहतरी के लिये संकल्पित है सरकार
  •   गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर होगी कड़ी कार्यवाही


सर्किट  हाऊस पन्ना में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते प्रभारी मंत्री। 
अरुण सिंह,पन्ना। समूचे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये सकार संकल्पित है और इस दिशा में आवश्यक पहल व प्रयास शुरू कर दिये गये हैं। प्रदेश के सभी स्कूलों में एक साथ पालक शिक्षा संघ की मीटिंग आयोजित करना इस ओर उठाया गया शुरूआती कदम है। आने वाले समय में बदलाव आपको स्वमेव नजर आयेगा। यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बुधवार को सर्किट  हाऊस में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने मुझे शिक्षा विभाग का दायित्व सौंपा  है, जिसका पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन का प्रयास कर रहा हूँ।
उल्लेखनीय है कि प्रभारी मंत्री डॉ. चौधरी का पन्ना जिले में यह पहला दौरा है, जिसमें वे जिले के पत्रकारों से मुखातिब होकर अपने विभाग के बारे में अहम मुद्दों व सवालों पर बेबाकी के साथ चर्चा की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पन्ना बहुत ही सुन्दर और शान्ति प्रिय जिला है, मेरा यह पूरा प्रयास रहेगा कि इस जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हो ताकि यहां के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर अपने जिले के साथ प्रदेश का नाम भी रोशन करें। जिले की शालाओं में शिक्षकों की कमी व शैक्षणिक अव्यवस्थाओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराये जाने पर मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि यह मेरा पहला प्रवास है, मैनें स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति सहित अन्य जानकारियां देने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। जानकारी मिलते ही समीक्षा करने के उपरान्त आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। स्कू ल शिक्षा मंत्री को पत्रकारों द्वारा यह अवगत कराया गया कि जिले में तकरीबन दो सौ स्कूल एक शिक्षकीय हैं जबकि लगभग सौ स्कूल ऐसे हैं  जो शिक्षक विहीन हैं। मंत्री का ध्यान साइकिल व गणवेश वितरण में विलम्ब व लापरवाही की ओर भी आकृष्ट कराया गया। इन बातों को डॉ. चौधरी ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

भाजपा सरकार ने की हैं सिर्फ घोषणायें

स्कूल शिक्षा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री का ध्यान पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विधानसभा चुनाव से पूर्व पन्ना में कृषि महाविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलिज खोले जाने की घोषणा की थी, इस पर अमल कब तक होगा? इस सवाल के जवाब में प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुझे इन घोषणाओं की जानकारी नहीं है। भाजपा सरकार ने सिर्फ घोषणायें की हैं उन्हें पूरा नहीं किया, हमने घोषणायें नहीं वचन दिया है और उसे पूरा भी किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय पन्ना में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बावत पूछे जाने पर आपने कहा कि चिकित्सकों की पूरे प्रदेश में कमी है, फिर भी यहां चिकित्सकों की पदस्थापना के लिये हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। आपने पत्रकारों से कहा कि यदि कोई चिकित्सक यहां आने को तैयार हो, तो उसकी जानकारी व सुझाव दें, तत्काल इस पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

अवैध उत्खनन रोकने सरकार सख्त

जिले की केन सहित अन्य सहायक नदियों में बड़े पैमाने पर हो रहे रेत के अवैध उत्खनन तथा कल्दा पठार व कुटरहिया आदि क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहीं पत्थर खदानों की ओर ध्यान आकृष्ट कराये जाने पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सरकार अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिये कदम उठाने शुरू कर दिये हैं। मुख्यमंत्री जी ने इस संबंध में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी जिले में अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। शिकायत मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी। प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि आप लोग यह बतायें जिले में कहां-कहां अवैध उत्खनन हो रहा है, इस पर तुरन्त कार्यवाही की जायेगी। प्रेसवार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री के साथ पूर्व गृहमंत्री कैप्टन जयपाल सिंह , जिला कांग्रेस  अध्यक्ष दिव्यारानी सिंह, गुनौर विधायक शिवदयाल बागरी, पूर्व विधायक श्रीकान्त दुबे, पन्ना विधानसभा प्रत्याशी शिवजीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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Wednesday, February 6, 2019

प्रदेश में तीन मुख्यमंत्रियों की चल रही सरकार



  •   भाजपा प्रदेश सह प्रभारी सतीश उपाध्याय ने किया कटाक्ष
  •   म.प्र. में मिशन 29 को लेकर बनाई जा रही है रणनीति
  •   देश की जनता चाहती है फिर बने मजबूत सरकार


वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश उपाध्याय पाना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए। 

अरुण सिंह,पन्ना। म.प्र. में मौजूदा समय तीन मुख्यमंत्रियों की सरकार चल रही है। प्रदेश के सुपर सीएम दिग्विजय सिंह  हैं, फिर कमलनाथ और तीसरे नम्बर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया , ऐसी स्थिति में बतौर मुख्यमंत्री लोग किससे बात करें। यह बात म.प्र. भाजपा लोकसभा चुनाव के सह प्रभारी व दिल्ली प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने पन्ना प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुये कही। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिये म.प्र. में मिशन 29 का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हासिल करने की रणरीति व कार्ययोजना बनाई जा रही है। भाजपा नेता ने बड़े ही आत्म विश्वास के साथ कहा कि पिछले चुनाव में जो सीटें जीती थीं, उन्हें तो हम जीतेंगे ही, शेष बची दो सीटों पर फतह हासिल करने की विशेष कार्ययोजना रहेगी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
प्रदेश सह प्रभारी श्री उपाध्याय ने पत्रकारों के सवालों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव विशेष है, क्योंकि एक तरफ सामंतवाद और परिवारवाद के पोषक हैं तो दूसरी ओर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने वाले लोग हैं। इस चुनाव में जनता यह तय करने वाली है कि उन्हें मजबूर नहीं बल्कि मजबूत सरकार चाहिये जो देश के विकास हेतु अच्छे निर्णय ले सके। आपने कहा कि एक मजबूर सरकार कभी भी देश हित में अच्छे निर्णय नहीं ले सकती। श्री उपाध्याय ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र ही सबका साथ सबका विकास है, इसी मंत्र को लेकर पार्टी आगे बढ़ रही है। आगामी लोकसभा चुनाव हेतु प्रत्याशी चयन के मापदण्ड बावत पूछे जाने पर आपने कहा कि जीतने योग्य प्रत्याशी मैदान में उतारे जायेंगे, प्रत्याशी चयन में जन आकांक्षाओं का भी ध्यान रखा जायेगा। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश सह प्रभारी श्री उपाध्याय के साथ जिला भाजपा अध्यक्ष सतानंद गौतम, पूर्व विधायक विजय बहादुर ङ्क्षसह, जिला पंचायत पन्ना के अध्यक्ष रविराज सिंह  यादव, उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह  सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।
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Monday, February 4, 2019

शिक्षा, स्वास्थ्य व पर्यटन विकास के लिये शुरू हो मुहिम

  •   पन्ना में कृषि व इंजीनियरिंग महाविद्यालय खोलने हो चुकी है घोषणा
  •   मूर्तरूप लेने में पन्नावासियों को कब तक करना पड़ेगा इंतजार



अरुण सिंह,पन्ना। औद्योगिक विकास से वंचित बुन्देलखण्ड क्षेत्र के पन्ना जिले में शिक्षा व पर्यटन विकास की विपुल संभावनायें मौजूद हैं, लेकिन इस दिशा में भी अभी तक कोई सार्थक पहल व प्रयास नहीं होने के चलते पन्ना की स्थिति जस की तस बनी हुई है। पन्ना के चारों तरफ वन क्षेत्र होने के कारण यहां कोई ऐसे उद्योग विकसित नहीं हो सके, जो रोजगार का जरिया बन सकें। ऐसी स्थिति में गरीबी और बेरोजगारी जैसे इस जिले की नियति बन चुकी है। पर्यटन विकास की दिशा में यहां बहुत कुछ हो सकता है, जिससे रोजगार के नये अवसरों का जहां सृजन होगा वहीं इस पिछड़े इलाके का कायाकल्प हो सकता है। मालुम हो कि यहां पर ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के जहां अनेकों भव्य मंदिर हैं, वहीं अनूठे प्राकृतिक मनोरम स्थलों की भरमार है। इनका समुचित विकास कराया जाकर यदि पर्यटन से जोड़ा जाये तो यह पूरा इलाका देशी व विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन सकता है।
उल्लेखनीय है कि प्रकृति ने पन्ना जिले को अनगिनत सौगातों से नवाजा है, लेकिन अभी तक शासन, प्रशासन व इस क्षेत्र से चुे जाने वाले जनप्रतिनिधियों ने प्रकृति प्रदत्त इन सौगातों को कोई अहमियत नहीं दी। शान्ति का टापू कहे जाने वाले पन्ना शहर के आस-पास की आबोहवा और वातावरण शिक्षा के लिये बेहद अनुकूल है। लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक यहां एक भी तकनीकी शिक्षण संस्थान नहीं खुल सका है। जबकि पन्ना को शिक्षा का हब बनाये जाने की पिछले एक दशक से निरंतर माँग की जाती रही है, लेकिन नेताओं की रूचि इसमें कम तथा अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति में ज्यादा रही है। यही वजह है कि सब कुछ रहते हुये भी पन्ना को अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हो सका। शिक्षण संस्थाओं के अभाव में इस जिले के होनहार और प्रतिभाशाली बच्चे आॢथक कमजोरी के चलते उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पन्ना जिले के विकास को दृष्टिगत रखते हुये अनेकों घोषणायें की थीं। इन घोषणाओं में इंजीनियरिंग व एग्रीकल्चर कॉलिज पन्ना में खोले जाने की घोषणा प्रमुख हैं। घोषणा के मुताबिक पन्ना के महिला पॉलीटेक्निक का उन्नयन कर उसे इंजीनियरिंग कॉलिज का दर्जा देकर उसे शीघ्र शुरू किये जाने की बात की गई थी। वहीं एग्रीकल्चर कॉलिज के लिये तो भूमि आबंटन की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। इसके लिये जिला मुख्यालय से लगे पटवारी हल्का क्र. 13 में 30 हेक्टेयर भूमि आबंटित की गई है। इस नवीन कृषि महाविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है तथा बजट भी स्वीकृत हो चुका है। लेकिन अभी तक कृषि महाविद्यालय के निर्माण हेतु जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय जबलपुर को बजट प्राप्त नहीं हुआ। इस बीच प्रदेश में विधानसभा चुनाव शुरू हो गये और सरकार भी बदल गई। ऐसी स्थिति में पन्ना जिले के लिये स्वीकृत इन दो उच्च शिक्षा संस्थानों के लिये नये सिरे से पहल व प्रयास किया जाना जरूरी हो गया है ताकि ये मूर्तरूप ले सकें।

पन्ना विधायक से लोगों को है उम्मीद

पन्ना विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह से लोगों को ढेरों उम्मीदें हैं। इस जिले के लोग इनकी क्षमताओं से वाकिफ भी हैं, क्योंकि पवई क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुये आपके द्वारा वहां विकास के अनेकों कार्य कराये गये हैं। पवई में सड़क सुविधाओं के विस्तार सहित सिंचाई  सुविधा व शिक्षा के बेहतरी के लिये आपके द्वारा सराहनीय कार्य किया गया तथा प्रदेश शासन में पर्यटन मंत्री के रूप में पर्यटन के विकास हेतु भी सार्थक कदम उठाये थे। इस बार इन्हें पन्ना से प्रत्याशी बनाया गया और इन्होंने यहां से भी रिकार्ड मतों से जीत दर्ज की है। ऐसी स्थिति में पन्ना विधानसभा क्षेत्र के लोगों की अपने विधायक से अपेक्षायें भी बढ़ी हैं। पन्नावासियों को विश्वास है कि प्रदेश में सरकार भले ही कांग्रेस की है लेकिन विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंहअपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुये तालमेल बनाकर पन्ना को इंजीनियरिंग व एग्रीकल्चर कॉलिज की सौगात दिलाने में जरूर कामयाब होंगे।

पर्यटन विकास के लिये भी की है पहल

उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना के साथ ही पन्ना में पर्यटन विकास के लिये भी सम्मिलित रूप से सक्रिय प्रयासों की जरूरत है। इस दिशा में पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह  ने रूचि दिखाई है। मिली जानकारी के अनुसार पन्ना विधानसभा क्षेत्र में राम वन पथ गमन क्षेत्रों को पर्यटन के माध्यम से विकसित किये जाने की योजना है। इन चिह्नित क्षेत्रों में प्रदेश शासन ने पर्यटन विकास की क्या योजना बनाई है, इस संबंध में पन्ना विधायक ने विधानसभा में सवाल लगाकर जानकारी चाही है। मालुम हो कि पन्ना में सारंगधर व बृहस्पति कुण्ड जैसे अनेकों धार्मिक  महत्व वाले प्राकृतिक मनोरम स्थल हैं, जो राम वन पथ गमन में आते हैं। यदि इनका समुचित विकास हो जाता है तो निश्चित ही इसका लाभ पन्ना को मिलेगा।
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Saturday, February 2, 2019

पन्ना टाईगर रिजर्व में दो अधिकारियों के बीच घमासान

  •   बीते चार माह से दोनों के बीच नहीं हो रही बातचीत
  •   अधिकारियों की आपसी तनातनी से कर्मचारियों की मुसीबत बढ़ी
  •   टाईगर रिजर्व के आस-पास मंडराने लगे हैं शातिर शिकारी


 पन्ना टाईगर रिजर्व का मड़ला प्रवेश द्वार।

अरुण सिंह,पन्ना। म.प्र. के पन्ना टाईगर रिजर्व में दो आला अधिकारियों के बीच चली आ रही तनातनी से यहां की व्यवस्थायें बिगड़ रही हैं। हालात ये हैं कि बीते चार माह से इन दोनों अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और तालमेल तो दूर बातचीत तक बन्द है। नतीजतन बाघों से आबाद हो चुके पन्ना टाईगर रिजर्व की व्यवस्थायें जहां बिगड़ रही हैं, वहीं आला अधिकारियों के बीच घमासान के चलते पार्क के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी परेशान हैं। इसका फायदा उठाने के लिये पन्ना टाईगर रिजर्व के आस-पास शातिर शिकारी मंडराने लगे हैं, जिससे पन्ना के बाघों पर खतरा बढ़ गया है। पिछले चार-पाँच माह के दौरान पवई सहित आस-पास के वन क्षेत्रों में घटित हुई शिकार की घटनायें, यह बताने के लिये काफी हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।
के.एस. भदौरिया क्षेत्र संचालक।

उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया व डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया के बीच चल रही जंग की जानकारी भोपाल में बैठे वन विभाग के उच्च अधिकारियों को भी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन उच्च अधिकारियों ने क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया व डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया के बीच सुलह कराने का प्रयास भी किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया गया है कि पार्क के इन दोनों अधिकारियों के बीच विवाद की शुरूआत पन्ना बफर क्षेत्र में पर्यटन प्रारंभ करने की योजना को लेकर हुई थी। डिप्टी डायरेक्टर कन्नौजिया जहां बफर क्षेत्र में पर्यटन शुरू किये जाने के सख्त खिलाफ हैं, वहीं क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया इस योजना को मूर्तरूप देने के कार्य को अपनी प्रतिष्ठा बना लिया और येन केन प्रकारेण विरोध के बावजूद उन्होंने विगत 30 जनवरी से पन्ना बफर क्षेत्र में विधिवत पर्यटन शुरू करा दिया। पन्ना बफर के अकोला गेट से पर्यटन का शुभारंभ किये जाने के अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौलिया नहीं पहुँचीं, जो चर्चा का विषय रहा। यह भी पता चला है कि पूर्व में डिप्टी डायरेक्टर ने क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया की एनटीसीए सहित उच्च वन अधिकारियों से शिकायत भी की है। ऐसी स्थिति में पार्क के दोनों ही अधिकारी कोई किसी से कम नहीं की तर्ज पर झुकने और समझौता करने को तैयार नहीं हैं, जाहिर है कि इसका असर बाघों की मॉनीटरिंग व सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
वासु कन्नौजिया डिप्टी डायरेक्टर।

इस चल रहे विवाद के संबंध में जब क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व श्री भदौरिया से पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया कि डिप्टी डायरेक्टर वासु कन्नौजिया उनकी कोई बात व निर्देश नहीं मानतीं, अपनी मनमर्जी चलाती हैं। क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि डिप्टी डायरेक्टर ने बफर क्षेत्र में पर्यटन शुरू किये जाने के विरोध में एनटीसीए को लिखा है। आपने बताया कि प्रदेश के अन्य सभी टाईगर रिजर्व के बफर जोन में पर्यटन चल रहा है, सिर्फ पन्ना टाईगर रिजर्व में नहीं चल रहा था। पीसीसीएफ शहवाज अहमद के दिशा-निर्देश पर बफर क्षेत्र की सुरक्षा बेहतर बनाने की मंशा से पर्यटन शुरू किया गया है, जिसका लाभ ग्रामवासियों को भी मिलेगा। श्री भदौरिया ने बताया कि हमारी योजना बफर की सुरक्षा कोर जैसी करने की है, इसके लिये बफर क्षेत्र के जंगलों में 54 नये निगरानी कैम्प शुरू किये गये हैं।

अधिकारीयों की आपसी तनातनी से बढ़ रही गुटबाजी


पार्क के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच चल रही तनातनी और विवाद से पन्ना टाईगर रिजर्व के अधिकारियों व कर्मचारियों में भी गुटबाजी को बढ़ावा मिल रहा है। आलम यह है कि अधिकारी व कर्मचारी दो खेमों में विभाजित नजर आ रहे हैं। जो लोग इस गुटबाजी से दूरी बनाकर चल रहे हैं, उनकी मुसीबत भी कम नहीं है, क्योंकि वे जिस अधिकारी के पास जाते हैं तथा निर्देशों का पालन करते हैं, उससे दूसरा अधिकारी खफा हो जाता है। बाघों की सुरक्षा व पार्क के हित में काम करने वाले ऐसे कर्मचारी इन दो पाटों के बीच पिस रहे हैं, जिससे व्यवस्थायें छिन्न-भिन्न हो रही हैं। पन्ना के बाघों से प्रेम करने वाले तथा पर्यावरण हितैषी मौजूदा विवाद व गतिरोध से खासे क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि यदि बाघों से आबाद हो चुके पन्ना टाईगर रिजर्व को बचाना है, तो इन दोनों ही अधिकारियों से निजात पानी होगी। अन्यथा बाघों पर खतरा मंडराता ही रहेगा।

बाघों की द्रष्टि से उच्च शिखर पर है पन्ना पार्क




जब से पन्ना टाईगर रिजर्व बना, इतने बाघ इसके पूर्व कभी नहीं थे, जितने मौजूदा समय हैं। इस लिहाज से पन्ना टाईगर रिजर्व उच्च शिखर पर है। इन हालातों में पार्क प्रबन्धन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बेहतर तालमेल और टीम वर्क के साथ बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये। लेकिन दुर्भाग्य से यहां ऐसा नहीं हो रहा। बाघों को आबाद करने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्कालीन क्षेत्र संचालक आर. श्रीनिवास मूर्ति ने जो सुरक्षा तंत्र व टीम वर्क की भावना कर्मचारियों में विकसित की थी, उसे कायम रखना जरूरी है । लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, यही वजह है कि शिकारियों की सक्रियता निरंतर बढ़ रही है जो चिन्ता की बात है। मौजूदा समय पन्ना टाईगर रिजर्व में 45 से भी अधिक बाघ हैं। बाघ पुनस्र्थापना योजना शुरू होने के बाद से अब तक यहां 35 लिटर में 77 शावकों का जन्म हो चुका है। इस उपलब्धि को कायम रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
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Friday, February 1, 2019

जवानों में भी कई बूढ़े हैं,और बूढ़ों में भी कई जवान

।। अरुण सिंह पन्ना ।।

कई पीढ़ियों को शिक्षित और संस्कारित करने वाले शिक्षक श्री अम्बिका प्रसाद खरे। 

वक्त से पहले ही बूढ़े हो चुके निराश हताश और तनाव से भरे युवक मौजूदा समय हर जगह मिल जाएंगे, लेकिन 87 वर्ष का उर्जा से लबरेज हर समय कुछ नया सीखने की ललक वाला प्रशन्न चित्त युवक निश्चित ही दुर्लभ घटना है। 87 वर्ष के इस युवा से मिलना और उनके अनुभवों को साझा करना किसी के लिए भी प्रेरणादाई साबित हो सकता है। आकर्षक व्यक्तित्व का धनी यह युवा मंदिरों के शहर पन्ना में किसी परिचय का मोहताज नहीं है, क्योंकि अपने लंबे जीवन काल में इन्होंने कई पीढय़िों को शिक्षित और संस्कारित किया है ।इनके पढ़ाए हुए न जाने कितने विद्यार्थी कब बुढ़ापे की दहलीज को लांघते हुए इस दुनिया से ही कूच कर गए लेकिन यह बुजुर्ग युवा आज भी ताजगी से भरा है और शिक्षा की रोशनी फैलाने के कार्य में जुटा हुआ है। नई पीढ़ी को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए भी इनके द्वारा अभिनव पहल की गई जो अनवरत जारी है। इस उम्र में भी उनकी आंखों की चमक कायम है बिना चश्मे के उन्हें लिखते और पढ़ते हुए देख आज के युवक  आश्चर्य से भर जाते हैं। अब तो आप समझ गए होंगे यह शख्स कौन है ? ठीक समझा यह अंबिका प्रसाद खरे हैं जिन्हें लोग अंबिका सर कहते हैं। पिछले दिनों पन्ना बफर क्षेत्र के अकोला जंगल में इस बुजुर्ग युवा का सानिध्य मिला फलस्वरुप यह सब लिखने से अपने को नहीं रोक पाया। अंबिका जी को देख कर यह एहसास हुआ कि
जवानों में भी कई बूढ़े हैं,और बूढ़ों में भी कई जवान हैं।
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